कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट विस्तार के बाद अंदरूनी नाराजगी के संकेत सामने आने लगे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक टीबी जयचंद्र ने राज्य सरकार और हालिया कैबिनेट विस्तार को लेकर खुलकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने नए मंत्रियों के प्रशासनिक अनुभव और सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके समर्थक उनसे इस्तीफा देने और सरकार से बाहर आने की मांग कर रहे हैं.
जयचंद्र की इन टिप्पणियों ने कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चा तेज कर दी है. खास तौर पर ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर अलग अलग नेताओं और गुटों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बनी हुई है.
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में टीबी जयचंद्र ने कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर राज्य के मतदाताओं के बीच सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोग यह पूछ रहे हैं कि सरकार के फैसले राज्य के हित में हैं, कांग्रेस पार्टी के लिए हैं या किसी अन्य वजह से लिए जा रहे हैं. जयचंद्र ने मंत्रियों के बार बार पद बदलने को लेकर भी नाराजगी जताई. उनके मुताबिक इससे जनता के बीच गलत संदेश गया है. उन्होंने सरकार के प्रशासनिक कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मंत्रियों के पास जरूरी अनुभव और क्षमता की कमी दिखाई देती है.
उन्होंने कावेरी नदी विवाद और सूखे जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया. जयचंद्र का कहना है कि राज्य इस समय कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रहा है और ऐसे में सरकार के सामने प्रशासन को प्रभावी ढंग से चलाने की बड़ी जिम्मेदारी है.
सिरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक टीबी जयचंद्र ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग और समर्थक उनसे लगातार इस्तीफा देने और मौजूदा सरकार से बाहर आने की अपील कर रहे हैं. जयचंद्र ने बताया कि उनके समर्थकों और कुछ विधायकों ने उन्हें प्रोटेम स्पीकर की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करने की सलाह भी दी थी. दरअसल, कैबिनेट में जगह नहीं मिलने के बाद उन्हें प्रोटेम स्पीकर पद की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया.
टीबी जयचंद्र कर्नाटक कांग्रेस के पुराने और वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं. वह सिरा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने 2008, 2013 और 2023 में चुनाव जीतकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई. कैबिनेट विस्तार के दौरान उम्मीद जताई जा रही थी कि जयचंद्र को मंत्री पद दिया जा सकता है. हालांकि, उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया. इसके बाद उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई है. जयचंद्र ने अपनी लंबी राजनीतिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस में रहते हुए पार्टी के कई बड़े नेताओं के दौर को देखा है.
जयचंद्र ने कहा कि वह करीब 56 साल पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे और विधायक के तौर पर उनका लंबा अनुभव रहा है. उन्होंने बताया कि उनके चुनाव प्रचार में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक शामिल हो चुके हैं. उन्होंने खुद को कर्नाटक के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के बाद वह पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में हैं. उनका कहना है कि इसके बावजूद सरकार उनके अनुभव का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं कर पा रही है.