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'मां को पैसे देना चाहता था', बेंगलुरु में Rapido चला रहे कॉलेज छात्र से अस्पताल के नाम पर ठगी, 1000 रुपये गंवाए

बेंगलुरु में Rapido चलाने वाले एक कॉलेज छात्र से अस्पताल में इमरजेंसी के नाम पर 1000 रुपये की ठगी हुई. छात्र की मां ने बैंकिंग ऐप में जांच की तो फर्जीवाड़ा सामने आया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'मां को पैसे देना चाहता था', बेंगलुरु में Rapido चला रहे कॉलेज छात्र से अस्पताल के नाम पर ठगी, 1000 रुपये गंवाए
Courtesy: Pinterest

बेंगलुरु: बेंगलुरु में Rapido चलाकर अतिरिक्त कमाई करने वाले एक कॉलेज छात्र के साथ अस्पताल में इमरजेंसी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. सातवें सेमेस्टर में पढ़ रहे छात्र ने सोशल मीडिया पर पूरी घटना साझा कर लोगों को इस तरह के फ्रॉड से सावधान रहने की अपील की है. 

छात्र के मुताबिक, ठग ने फर्जी अस्पताल इमरजेंसी का हवाला देकर उससे 1000 रुपये ठग लिए. छात्र ने बताया कि वह कॉलेज की पढ़ाई के साथ कुछ अतिरिक्त पैसे कमाने के लिए Rapido चलाता है. घटना वाले दिन उसने सोचा था कि दिनभर की पूरी कमाई अपनी मां को देकर उन्हें खुश करेगा. लेकिन अस्पताल के नाम पर किए गए एक फोन कॉल ने उसकी मेहनत की कमाई छीन ली.

फर्जी अस्पताल इमरजेंसी का बनाया बहाना

छात्र के मुताबिक, उसे RT नगर स्थित लक्ष्मी अस्पताल से एक पिकअप रिक्वेस्ट मिली. रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद एक अलग नंबर से उसे फोन आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने घबराई हुई आवाज में बताया कि एक महिला अस्पताल में भर्ती है और उसे डिस्चार्ज कराने के लिए बिल का भुगतान करना है. उसने दावा किया कि अस्पताल के बिलिंग डेस्क पर उसका UPI काम नहीं कर रहा है.

ठग ने छात्र से मदद की गुहार लगाई और कहा कि वह उसे अस्पताल के 5000 रुपये के बिल के अलावा 300 रुपये अतिरिक्त देगा. छात्र ने बताया कि इमरजेंसी की बात सुनकर उसने ज्यादा जांच पड़ताल नहीं की और मदद करने के लिए तैयार हो गया.

फर्जी SMS से किया भरोसा

ठग के कहने पर छात्र ने अपनी मां का फोन नंबर दिया. इसके बाद उसकी मां के फोन पर 5000 रुपये जमा होने का एक बैंक SMS आया. SMS को असली समझकर छात्र की मां ने अपने बैंक खाते से 5000 रुपये बेटे को भेज दिए, ताकि वह कथित अस्पताल का भुगतान कर सके.

इसके बाद ठग ने छात्र को एक QR कोड भेजा और 1000 रुपये की कथित डेस्क फीस जमा करने को कहा. छात्र ने QR कोड स्कैन करके अपनी जेब से 1000 रुपये भेज दिए. इसके तुरंत बाद ठग ने एक और QR कोड भेजा और बाकी रकम भेजने के लिए लगातार दबाव बनाने लगा.

मां ने बैंक से जांच की तो खुला राज

इसी दौरान छात्र की मां ने बैंक से संपर्क किया और अपने बैंकिंग ऐप में खाते की जांच की. वहां 5000 रुपये जमा होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. इसके बाद पता चला कि जो SMS आया था, वह फर्जी तरीके से तैयार किया गया था.

सच्चाई सामने आने के बाद छात्र ने बाकी पैसे भेजने से इनकार कर दिया. उसने ठग से अपने 1000 रुपये वापस करने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी ने फोन काट दिया और उसे ब्लॉक कर दिया.

छात्र ने कहा कि 1000 रुपये का नुकसान उसके लिए दुखद है, लेकिन वह दोबारा मेहनत करके यह रकम कमा सकता है. हालांकि, उसे उन डिलीवरी और बाइक राइडर्स की चिंता है जो अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए ऐसी कमाई पर निर्भर रहते हैं.

सोशल मीडिया यूजर्स ने दी सावधानी बरतने की सलाह

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने छात्र के प्रति सहानुभूति जताई. कई लोगों ने सलाह दी कि अनजान लोगों के कहने पर कभी पैसे ट्रांसफर न करें. यूजर्स ने यह भी कहा कि किसी भी बैंक SMS पर भरोसा करने से पहले बैंकिंग ऐप में ट्रांजैक्शन की पुष्टि जरूर करनी चाहिए.

यह घटना बताती है कि ठग लोगों की भावनाओं और मदद करने की इच्छा का फायदा उठाकर फर्जी भुगतान और नकली बैंक SMS का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को जल्दबाजी में QR कोड स्कैन करके भुगतान नहीं करना चाहिए.