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'ये मेरा बेटा नहीं', पिता ने 6 साल के बेटे की कर दी हत्या, नए कपड़े पहना कर नदी में धकेला; ऐसे खुली पोल

अपराध का एक बेहद ही क्रूर मामला सामने आया है. जिसमें एक व्यक्ति ने अपने ही बेटी की हत्या इस शक में कर दी कि वे उसका बेटा नहीं है. हालांकि पुलिस ने 20 दिनों की जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है.

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Edited By: Shanu Sharma
'ये मेरा बेटा नहीं', पिता ने 6 साल के बेटे की कर दी हत्या, नए कपड़े पहना कर नदी में धकेला; ऐसे खुली पोल
Courtesy: Grok AI

महाराष्ट्र के सतारा जिले में क्रूर हत्या का मामला सामने आया है. इस मामले में एक व्यक्ति को शक था कि उसका बेटा उसका नहीं है, इसी वजह से उसने अपने ही 6 साल के बेटे की हत्या कर दी. इतना ही नहीं उसकी हत्या के बाद उसके शव को कृष्णा नदी में फेंक दिया. पुलिस ने इस मामले में लगभग 20 दिनों की कड़ी मेहनत की जिसके बाद इस ब्लाइंड केस के बारे में खुलासा  हुआ.

पुलिस के अनुसार 18 मार्च को महाराष्ट्र के कराड तालुका के वडोली भिकेश्वर इलाके में कृष्णा नदी के किनारे एक बच्चे का शव मिला था. उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी. लंबी जांच, तकनीकी विश्लेषण और महाराष्ट्र-कर्नाटक पुलिस की संयुक्त टीम के प्रयासों के बाद पीड़ित की पहचान सिद्धार्थ मल्लिकार्जुन आरेकारी के रूप में हुई. सिद्धार्थ कर्नाटक के विजयपुरा जिले के नागाथाने गांव का निवासी था.

पुलिस ने दी मामले की जानकारी

इस मामले में जब पुलिस ने जांच शुरू की तो मामले में मुख्य आरोपी बच्चे का ही पिता मल्लिकार्जुन आरेकारी निकला. जिसके बाद पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर लिया है. विजयपुरा ग्रामीण पुलिस उपाधीक्षक टी.एस. सुल्पी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध कबूल कर लिया है. घटनास्थल पर अपराध का पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) भी कराया गया है.

जांच के मुताबिक, 16 मार्च को आरोपी ने अपनी पत्नी से कहा कि वह बेटे को स्कूल में दाखिला दिलाने ले जा रहा है. लेकिन वह बच्चे को विजयपुरा से कराड ले गया और कृष्णा नदी के सुनसान किनारे पहुंचकर बच्चे को नदी में धकेल दिया. पुलिस ने इस कृत्य को बेहद ठंडे दिमाग से की गई क्रूर हत्या बताया. हत्या से पहले आरोपी ने बच्चे को नए कपड़े पहनाए थे. इसके बाद वह घर लौटकर सामान्य व्यवहार करता रहा, जैसे कुछ हुआ ही नहीं.

पति-पत्नी में पहले से ही कलेश

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को अपने बेटे के पिता होने पर शक था. पड़ोसियों की कुछ टिप्पणियों ने इस शक को और बढ़ावा दिया. पिछले डेढ़ साल से पति-पत्नी के बीच इस मुद्दे को लेकर लगातार झगड़े चल रहे थे. यही घरेलू कलह अंततः इस जघन्य अपराध का कारण बन गई. 1अप्रैल को सिद्धार्थ का जन्मदिन भी था, उसकी मां भाग्यश्री ने बेटे से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुईं. चिंतित होकर उन्होंने पुलिस में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद कर्नाटक पुलिस ने जांच तेज कर दी. आरोपी के बयानों में आई विसंगतियों के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और अंततः उसने जुर्म कबूल लिया.