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India Daily

'अब आगे का फैसला ईरान के हाथ में है ...', पाकिस्तान में बातचीत नाकाम होने के बाद जेडी वैंस ने कहा

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बिना समझौते के खत्म हुई. अमेरिका ने कहा कि अब आगे का फैसला ईरान के हाथ में है और उस पर दबाव बढ़ाने के लिए नाकेबंदी भी शुरू कर दी गई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'अब आगे का फैसला ईरान के हाथ में है ...', पाकिस्तान में बातचीत नाकाम होने के बाद जेडी वैंस ने कहा
Courtesy: @ani_digital X account

नई दिल्ली: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि मध्य पूर्व संघर्ष के भविष्य की चाबी ईरान के पास है. उन्होंने कहा कि अब गेंद पूरी तरह से उनके पाले में है. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पाकिस्तान में हुई बातचीत, भले ही किसी नतीजे पर न पहुंची हो लेकिन उसने आगे की बातचीत के दरवाजे बंद नहीं किए हैं.

वैंस की यह टिप्पणी पाकिस्तान की यात्रा के बाद आई, जहां उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कोशिश में ईरानी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत की थी. सोमवार को मीडिया से बात करते हुए वैंस ने कहा, 'गेंद पूरी तरह से उनके पाले में है. जब मुझसे पूछा जाता है कि अब आगे क्या होगा, तो मेरा मानना ​​है कि घटनाओं की दिशा ईरानी ही तय करेंगे.'

वैंस ने आगे क्या कहा?

उन्होंने चर्चाओं को 'सार्थक' बताया और कहा कि इनसे अमेरिका की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने में मदद मिली. इन प्राथमिकताओं में 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज' को फिर से खोलना भी शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय तेल शिपमेंट के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक जलमार्ग है.

वैंस ने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि सब कुछ गलत ही हुआ. कुछ सकारात्मक घटनाक्रम भी हुए. हमने काफी प्रगति की.' उन्होंने आगे कहा कि वे कुछ हद तक हमारी दिशा में आगे बढ़े, इसीलिए हमें कुछ उत्साहजनक संकेत मिले, हालांकि उनका यह कदम पर्याप्त नहीं था.

क्या है समझौता न होने की वजह?

वैंस ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तान में हुई बातचीत बिना किसी समझौते के इसलिए खत्म हो गई, क्योंकि ईरानी वार्ताकार किसी सौदे को अंतिम रूप नहीं दे पाए. उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामाबाद में हुई इस बैठक से यह समझने में मदद मिली कि तेहरान में असली फैसले कौन ले रहा है.

उन्होंने समझाया, 'हमें ईरानी बातचीत के तरीके की समझ मिली, और इसी वजह से हम पाकिस्तान से लौट आए.' उन्होंने कहा, 'यह साफ हो गया कि वहां मौजूद टीम किसी सौदे को अंतिम रूप नहीं दे सकती थी. उन्हें तेहरान वापस जाकर हमारे द्वारा प्रस्तावित शर्तों के लिए सर्वोच्च नेता या अन्य अधिकारियों से मंजूरी लेनी थी.'

अमेरिकी नौसेना को क्या दिया गया है निर्देश?

वैंस ने ईरान के इन कदमों को वैश्विक समुदाय के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद बताया और कहा, 'जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिखा दिया है, इस खेल में दो पक्ष शामिल हो सकते हैं.' अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया गया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले ईरान से जुड़े किसी भी जहाज की पहचान करे और उसे रोके. वेंस ने उम्मीद जताई कि ईरान इस अहम व्यापारिक रास्ते को पूरी तरह से फिर से खोल देगा.