नई दिल्ली: आशा भोसले की मौत की खबर पूरे संगीत जगत को झकझोर गई थी, लेकिन पाकिस्तान में इस खबर ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया. जियो न्यूज ने जब दिवंगत गायिका के गाने प्रसारित किए तो पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. नियामक ने चैनल को नोटिस जारी कर पूछा कि 2018 से लागू भारतीय कंटेंट प्रतिबंध के बावजूद उन्होंने ऐसा क्यों किया. यह मामला अब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की याद दिला रहा है.
PEMRA का कहना है कि आशा भोसले की मौत की रिपोर्टिंग के दौरान जियो न्यूज ने उनके गाने और पुरानी भारतीय फिल्मों के क्लिप चलाकर जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन किया. नियामक ने चैनल से विस्तृत जवाब मांगा है और कहा है कि पाकिस्तान में भारतीय सामग्री का प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित है.
जियो न्यूज के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिग्गज कलाकारों की रिपोर्टिंग में उनके काम को याद करना सम्मान की परंपरा है. उन्होंने कहा कि आशा भोसले जैसी महान गायिका के लिए उनके अमर गीतों को और ज्यादा साझा करना चाहिए था, लेकिन PEMRA ने इसे प्रतिबंधित मान लिया.
मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सोमवार शाम आशा भोसले का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज और राजकीय सम्मान के साथ हुआ. पृष्ठभूमि में उनका प्रसिद्ध गीत ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ बजता रहा. हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे.
लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसले 92 साल की उम्र में रविवार को मुंबई के अस्पताल में चल बसीं. उनके बेटे आनंद ने मुखाग्नि दी. मात्र 10 साल की उम्र से गाना शुरू करने वाली आशा ने आठ दशक के करियर में करीब 12,000 गीत गाए. दिलचस्प बात यह है कि उनकी बहन लता का भी फरवरी 2022 में रविवार के दिन ही निधन हुआ था.
अंतिम यात्रा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, रमेश सिप्पी, आमिर खान और विक्की कौशल समेत कई नामी लोग शामिल हुए. संगीत प्रेमी उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहे हैं.