कानून का दुरुपयोग पड़ा भारी, बेंगलुरु में नाबालिग लड़कों के साथ मारपीट करने के आरोप में पुलिस सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार

बेंगलुरु में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को नाबालिगों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी के खिलाफ POCSO कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

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Km Jaya

बेंगलुरु: पुलिस ने मंगलवार को बताया कि बेंगलुरु पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर को हत्या के मामले की जांच के बहाने कई नाबालिग लड़कों के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए PSI प्रवीण, शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित अमृतहल्ली पुलिस स्टेशन में तैनात थे.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार प्रवीण ने कुछ महीने पहले अमृतहल्ली में दर्ज हुए एक हत्या के मामले के सिलसिले में कई नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया था. सूत्रों ने बताया कि प्रवीण लड़कों को एक निजी जगह पर ले गए, जहां उन्होंने पहले बेल्ट से उनकी पिटाई की और फिर कथित तौर पर उन्हें अपने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया. 

सीनियर अधिकारी ने क्या बताया?

पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'इसके अलावा उसने नाबालिग लड़कों को अश्लील हरकतें करने के लिए मजबूर किया और उन्हें अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया. यह वीडियो हाल ही में लीक हुआ और पुलिस के सीनियर अधिकारियों तक पहुंचा.


कार्रवाई करते हुए कोथानूर पुलिस स्टेशन में 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012 के तहत प्रवीण के खिलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया गया. FIR के आधार पर, कोथानूर पुलिस ने सोमवार शाम प्रवीण को गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया.

CID पुलिस इंस्पेक्टर क्यों किया गया था गिरफ्तार?

इससे पहले 20 जून को बेंगलुरु पुलिस के एक इंस्पेक्टर को 20 लाख रुपये की लूट के मामले में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने शनिवार को बताया कि पुलिस अधिकारी बनकर आए एक गिरोह ने यहां एक होटल में ठहरे लोगों के समूह को निशाना बनाया था.

CID विभाग में तैनात आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर महेश कनकगिरी, जिसे इस घटना का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, उनको गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस के अनुसार खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले लोगों के एक समूह ने ID कार्ड दिखाए और युवकों से पैसे के स्रोत के बारे में पूछताछ की, साथ ही आरोप लगाया कि वे पैसों के लेन-देन (ट्रेडिंग) में शामिल थे. इसके बाद संदिग्धों ने पैसे उन्हें सौंपने की मांग की और पैसे लेकर मौके से भाग गए. संदिग्ध कथित तौर पर एक जीप में आए थे जो होटल के बाहर खड़ी थी. वे कथित तौर पर उसी गाड़ी में भाग गए.

पीड़ितों ने कब दर्ज कराई शिकायत?

पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी का पता चलने पर, पीड़ितों ने मडीवाला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके दोस्त ने उसे ज़्यादा मुनाफ़े के लिए ट्रेडिंग में पैसे लगाने के बारे में बताया था. इसी वजह से वह अपने साथ 20 लाख रुपये नकद लाया था.

उन्होंने कहा कि आरोपी व्यक्तियों ने साजिश रची, पीड़ित के साथ मारपीट की और लूट की घटना को अंजाम दिया. पुलिस ने बताया कि लूटी गई पूरी रकम बरामद कर ली गई है और आगे की जांच चल रही है.