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नैनीताल चाइना पीक ट्रैकिंग पर नई पाबंदी, अब रोज जा सकेंगे सिर्फ 150 पर्यटक

उत्तराखंड के सुंदर हिल स्टेशन नैनीताल में ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है. वन विभाग ने ट्रैक की क्षमता का आकलन करने के बाद यह फैसला लिया है.

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Shilpa Srivastava

नैनीताल: उत्तराखंड के सुंदर हिल स्टेशन नैनीताल में ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है. शहर की सबसे ऊंची चोटी चाइना पीक (जिसे नयना पीक भी कहते हैं) पर अब प्रतिदिन सिर्फ 150 पर्यटकों को ही ट्रैकिंग की अनुमति मिलेगी. वन विभाग ने ट्रैक की क्षमता का आकलन करने के बाद यह फैसला लिया है.

क्यों लगाई गई यह सीमा?

नयना पीक ट्रैक नैनीताल का सबसे लोकप्रिय ट्रैकिंग रूट है. पिछले कुछ सालों में यहां पर्यटकों की संख्या बहुत बढ़ गई थी. इससे ट्रैक पर दबाव बढ़ रहा था और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा था. वन विभाग के डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, ट्रैक की सुरक्षा और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए यह सीमा तय की गई है.

ट्रैक की खूबियां:

करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह ट्रैक घने देवदार, बांज और बुरांश के जंगलों से होकर गुजरता है. रास्ते में शांत वातावरण, खूबसूरत वन्य जीव और साफ मौसम में हिमालय की बर्फीली चोटियों के मनमोहक नजारे दिखते हैं. चोटी पर पहुंचकर नैनीताल का पूरा विहंगम नजारा दिखाई देता है, यही वजह है कि हर साल हजारों पर्यटक यहां ट्रैकिंग करने आते हैं.


नई व्यवस्था कैसे काम करेगी?

  • एक दिन में अधिकतम 150 पर्यटक ही ट्रैक पर जा सकेंगे.  

  • तय संख्या पूरी होने के बाद उसी दिन और किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी.  

  • प्रवेश शुल्क 50 रुपये प्रति व्यक्ति है, जो ट्रैक के रखरखाव में इस्तेमाल होगा.

ट्रैक का कायाकल्प:

वन विभाग ने ट्रैक को और बेहतर बनाने का फैसला लिया है. इसमें पूरे मार्ग का सौंदर्यीकरण और मरम्मत, दिशा-निर्देश वाले साइन बोर्ड लगाना, बैठने के लिए बेंच और विश्राम स्थल बनाना और अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास शामिल हैं.

वन विभाग का उद्देश्य: 

वन विभाग का कहना है कि पर्यटन को रोकना नहीं, बल्कि सतत और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना है. सीमित संख्या से ट्रैक पर भीड़ कम रहेगी, जंगलों पर दबाव घटेगा, वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे और पर्यटकों को शांत, सुरक्षित और यादगार ट्रैकिंग अनुभव मिलेगा. यह नई व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच अच्छा संतुलन बनाएगी. नैनीताल घूमने आने वाले ट्रैकिंग प्रेमी अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित और आनंददायक अनुभव का मजा ले सकेंगे.