'मेरे बच्चे लौटा दो…' बिस्किट लेने निकले अंश-अंशिका अब तक कोई खबर नहीं, रोते-रोते बेहोश हो रही मां
रांची के मौसीबाड़ी इलाके से दो मासूम बच्चे 2 जनवरी से लापता हैं. पुलिस, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल की टीम जुटी है, लेकिन कई दिनों बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया.
रांची: राजधानी रांची से सामने आया बच्चों के लापता होने का मामला हर गुजरते दिन के साथ और डरावना होता जा रहा है. मौसीबाड़ी इलाके से बिस्किट लेने निकले पांच साल के अंश और चार साल की अंशिका अब तक घर नहीं लौटे हैं. मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद रहस्य गहराता जा रहा है.
बिस्किट लेने निकले, फिर नहीं दिखे बच्चे
2 जनवरी को सुनील कुमार के दोनों बच्चे, अंश और अंशिका, घर से पास की दुकान पर बिस्किट लेने निकले थे. परिवार के अनुसार यह रोजमर्रा की बात थी, इसलिए किसी को चिंता नहीं हुई. लेकिन जब काफी देर तक बच्चे वापस नहीं आए, तो आसपास तलाश शुरू की गई. मोहल्ले, दुकानों और गलियों में खोजबीन के बावजूद दोनों बच्चों का कहीं कोई पता नहीं चला.
परिवार की हालत और मां की बेबसी
बच्चों की मां गहरे सदमे में हैं. पड़ोसियों के मुताबिक वह बार-बार रोते हुए बेहोश हो जा रही हैं और बस यही कह रही हैं 'मेरे बच्चे लौटा दो.' परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है. वे केवल छह महीने पहले ही रांची आए थे और यहां किसी से कोई विवाद भी नहीं हुआ है.
पुलिस की बड़ी टीम, फिर भी खाली हाथ
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया है. चार आईपीएस अधिकारी और आठ डीएसपी स्तर के अधिकारी इस केस में लगाए गए हैं. पुलिस ने बच्चों की जानकारी देने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है.
डॉग स्क्वॉड और एफएसएल भी जांच में शामिल
जांच को और तेज करने के लिए स्निफर डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी शामिल किया गया है. बच्चों के घर और आसपास के इलाकों से साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस हर संभावित एंगल से मामले को खंगाल रही है, लेकिन अब तक कोई अहम कड़ी सामने नहीं आ सकी है.
इलाके में आक्रोश, आंदोलन की तैयारी
बच्चों के नहीं मिलने से मौसीबाड़ी और खटाल इलाके में गुस्सा बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने संसाधनों के बावजूद पुलिस नतीजे तक क्यों नहीं पहुंच पा रही. बच्चों की दादी ने भी भावुक होकर कहा कि उन्हें किसी से शिकायत नहीं, बस ईश्वर से पोते-पोती की सलामती की दुआ है. अब लोग जन आंदोलन की तैयारी में जुटने लगे हैं.