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झारखंड: गर्मी में लोगों की बढ़ी परेशानी, कूलर और एसी की कीमत छू रहे आसमान, 5 हजार तक महंगे हो गए ये उपकरण

झारखंड में फ्रिज, एसी और कूलर की कीमतों में 1000 से 5000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

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Km Jaya

रांची: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का असर अब आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगा है. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, राहत देने वाले उपकरणों जैसे फ्रिज, कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ रही है लेकिन साथ ही इनके दामों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. बाजार में महंगाई के इस अचानक आए रुझान ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

व्यापारियों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दामों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत है. प्लास्टिक, एल्युमीनियम और तांबा जैसे जरूरी सामानों के दाम बढ़ गए हैं. इसका इन उत्पादों की उत्पादन लागत पर सीधा असर पड़ा है. जिसके वजह से निर्माताओं ने फ्रिज, कूलर और AC के खुदरा दाम बढ़ाना शुरू कर दिया है. एक व्यापारी के अनुसार इन उत्पादों की लागत ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक बढ़ गई है.

किस पर पड़ेगा ज्यादा असर?

गर्मी के मौसम में इन उपकरणों की मांग वैसे भी काफ़ी ज्यादा होती है. ऐसे में हाल ही में हुई दामों में बढ़ोतरी ने मध्यम वर्ग के लोगों के लिए इन्हें खरीदना और भी मुश्किल बना दिया है. कई ग्राहक दुकानों पर जाकर और बढ़े हुए दाम सुनकर बिना कुछ खरीदे ही वापस लौट रहे हैं. व्यापारियों के अनुसार सिंगल-डोर और डबल-डोर फ्रिज साथ ही AC और कूलर के दामों में ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की बढ़ोतरी हुई है.

किसकी कीमत कितनी बढ़ी?

सिंगल-डोर रेफ्रिजरेटर: ₹1,500–₹2,000

डबल-डोर रेफ्रिजरेटर: ₹2,000–₹4,000

AC: ₹1,000–₹3,000

कूलर: ₹1,500–₹2,000

विक्रेताओं का क्या है कहना?

AC, रेफ्रिजरेटर और कूलर बनाने और बेचने वाली कंपनियों ने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की वजह से अपनी प्रमोशनल स्कीम में कटौती करना शुरू कर दिया है. विक्रेताओं के मुताबिक कई कंपनियों ने पहले ही अपने प्रमोशनल ऑफर में 20 से 30 प्रतिशत की कटौती करना शुरू कर दिया है.

इस बीच चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुए गैस आपूर्ति संकट ने होटल और रेस्तरां मालिकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से उन्हें अपना कारोबार चलाने में गंभीर परिचालन संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. कई होटल मालिकों ने बताया है कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसका उनके किचन के काम पर बुरा असर पड़ रहा है.