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India Daily

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: 20 अगस्त को CM आवास घेरेंगे छात्र, CBI जांच और CGL रद्द करने की मांग तेज

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. सुधार मंच ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है.

KanhaiyaaZee
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: 20 अगस्त को CM आवास घेरेंगे छात्र, CBI जांच और CGL रद्द करने की मांग तेज
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रांची: झारखंड में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. JPSC-JSSC सुधार मंच ने अब आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है. मंच ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है. छात्रों की प्रमुख मांग JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने की है. आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल भी 14वें दिन जारी रही, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है.

JPSC-JSSC सुधार मंच ने कहा है कि 20 अगस्त को राज्यभर के युवा मुख्यमंत्री आवास के सामने जुटेंगे. छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग करेंगे. मंच ने 16 अगस्त को सभी जिलों में मुख्यमंत्री और राहुल गांधी के पुतले जलाने का भी ऐलान किया है. आंदोलनकारियों ने पहली बार मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी सामने रखी है.

JSSC-CGL रद्द करने पर अड़े छात्र

छात्रों का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उनकी मांग है कि जांच CBI से कराई जाए, ताकि कथित अनियमितताओं की पूरी सच्चाई सामने आ सके. सुधार मंच का आरोप है कि परीक्षा से जुड़े सवालों का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला है. इसी वजह से आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर ले जाने का फैसला किया गया है.

14वें दिन भी जारी रही भूख हड़ताल

देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल 14वें दिन भी जारी रही. वह पिछले पांच दिनों से सदर अस्पताल में भर्ती हैं. इसके बावजूद उन्होंने अपने बेड पर रहने के बजाय कॉरिडोर में जमीन पर लेटकर धरना जारी रखा. स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा फहराने और प्रस्तावित तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की थी.

अस्पताल से निकलने को लेकर विवाद

देवेंद्र नाथ महतो ने पहले ही जिला प्रशासन को पत्र देकर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में जाने की इच्छा जताई थी. उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों के साथ वापस अस्पताल लौटने की बात भी तय हुई थी. सुबह करीब आठ बजे जब वह बाहर निकलने लगे, तो उन्हें कई बार रोका गया. उन्होंने धक्का-मुक्की का भी आरोप लगाया. बाद में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मामला और तनावपूर्ण हो गया.

जयराम महतो ने विधानसभा में मामला उठाने की बात कही

देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, घटना के दौरान उन्हें चोट लगी और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों के साथ भी कथित रूप से बल प्रयोग किया गया. इसके बाद उन्होंने कमरे के बाहर बैठकर अनशन जारी रखा. विधायक टाइगर जयराम महतो से उनकी बातचीत हुई. जयराम महतो ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले को विधानसभा में उठाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा. बाद में पुलिसकर्मी अस्पताल परिसर से हट गए.