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झारखंड में बारिश का रौद्र रूप, जलाशय फुल और नदियां उफान पर; 17 जिलों में अलर्ट

झारखंड में लगातार बारिश से 18 जलाशय अपनी पूरी क्षमता तक भर गए हैं, जबकि कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया है.

KanhaiyaaZee
झारखंड में बारिश का रौद्र रूप, जलाशय फुल और नदियां उफान पर; 17 जिलों में अलर्ट
Courtesy: Concept Image

रांची: रांची समेत पूरे झारखंड में मानसून की सक्रियता का असर अब जलाशयों और नदियों पर साफ दिखने लगा है. लगातार बारिश के कारण राज्य के कई डैम और जलाशय भर चुके हैं. जल संसाधन विभाग के अनुसार, 56 में से 18 जलाशयों में पानी लाइव स्टोरेज क्षमता के 100 फीसदी या उससे अधिक पहुंच गया है. करीब 10 अन्य जलाशय भी 80 से 100 फीसदी के स्तर पर हैं. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग और जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है.

राज्य के कुल 56 जलाशयों में पानी की स्थिति तेजी से बदल रही है. विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 18 जलाशय पूरी क्षमता तक भर चुके हैं या उससे ऊपर पहुंच गए हैं. कांसजोर में क्षमता के 105 फीसदी से अधिक और अंजनवा में 113 फीसदी से ज्यादा पानी दर्ज किया गया है. मासरिया, टोरो, घाघरा और मलई जैसे जलाशयों में भी जलस्तर निर्धारित क्षमता के आसपास या उससे ऊपर है.

रांची के प्रमुख डैमों में पर्याप्त पानी

राजधानी के गोंदा, गेतलसूद और हटिया डैम में पानी की स्थिति बेहतर बताई जा रही है. गोंदा डैम का जलस्तर बढ़ने पर एक फाटक खोलकर पानी छोड़ा गया. गेतलसूद में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह अधिकतम स्तर के करीब पहुंच रहा है. हटिया डैम में भी पर्याप्त पानी जमा है, हालांकि इसका स्तर अभी अधिकतम जलधारण सीमा से कुछ नीचे बताया गया है.

नौ जलाशयों से छोड़ा गया पानी

जलस्तर बढ़ने के बाद राज्य के नौ जलाशयों से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा गया है. इनमें गेतलसूद, गोंदा, व्यांगबिल, खरकई, गालूडीह, चांडिल और गंजिया बैराज जैसे प्रमुख जलाशय शामिल हैं. जल संसाधन विभाग लगातार इनफ्लो और आउटफ्लो की निगरानी कर रहा है. सभी 56 जलाशयों की देखरेख के लिए पांच मुख्य अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

नदियां उफान पर, गांवों में सतर्कता

लगातार बारिश का असर राज्य की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है. स्वर्णरेखा, हरमू, दामोदर, कोयल और बराकर समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है. कोल्हान क्षेत्र में संजय, सुरू और शंख नदियों में भी पानी बढ़ने की सूचना है. सरायकेला में खरकई नदी पर निगरानी रखी जा रही है. नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

17 जिलों में बढ़ाई गई निगरानी

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इसे देखते हुए रांची, देवघर, दुमका, गिरिडीह, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा, बोकारो और धनबाद समेत कई जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि लगातार बारिश से जलाशयों की स्थिति गंभीर हो सकती है और सभी संबंधित इंजीनियरों को अलर्ट पर रखा गया है.