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झारखंड के अस्पतालों में इन लोगों की एंट्री पर लगी रोक, स्वास्थ मंत्रालय ने की नई व्यवस्था लागू

Jharkhand News: झारखंड स्वास्थ्य निदेशालय ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर बैन लगाने का निर्णय लिया है. इस कदम का उद्देश्य अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करना, मरीजों की सुरक्षा और प्राइवेसी सुनिश्चित करना है.

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Princy Sharma

Jharkhand Health Department: झारखंड स्वास्थ्य निदेशालय ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर बैन लगाने का निर्णय लिया है. इस कदम का उद्देश्य अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करना, मरीजों की सुरक्षा और प्राइवेसी सुनिश्चित करना है.

यह निर्देश 11 जून 2025 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के निर्णयों के आधार पर जारी किया गया है. निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ. सीके शाही ने सभी सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के अधीक्षकों और अन्य अस्पताल प्रमुखों को पत्र जारी कर सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं. पत्र में कहा गया है, 'अस्पताल के प्रवेश द्वार पर आवश्यकता के अनुसार उचित संख्या में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जाए.'

मरीजों की संख्या के आधार पर केवल एक या दो प्रवेश द्वार चालू रखे जाएंगे, जबकि अनावश्यक द्वारों को बंद करने का आदेश दिया गया है. रात के समय, अगर एक द्वार से काम चल सकता है, तो केवल एक ही द्वार खुला रहेगा. इसके अलावा, अस्पताल परिसर में पर्याप्त रोशनी के लिए हाई मास्ट एलईडी लाइट्स और भवन के अंदर उचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

परिजनों के लिए बैज सिस्टम

अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए बैज सिस्टम लागू किया जाएगा. इस व्यवस्था के तहत, परिजनों को प्रवेश के समय बैज जारी किया जाएगा, जिसे अस्पताल से निकलते समय वापस करना होगा. यह कदम अस्पतालों में व्यवस्था को और अधिक संगठित बनाएगा.

यूट्यूबर्स पर लगाई रोक

निदेशक प्रमुख ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अनरजिस्टर्ड मीडिया कर्मियों, यूट्यूबर्स और कैमरों के साथ अस्पताल परिसर में प्रवेश करने के लिए रोका जाएगा. झारखंड स्वास्थ्य निदेशालय के इन निर्देशों के अनुपालन में धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेमोरियल कॉलेज और अस्पताल, सदर अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. जल्द ही इन अस्पतालों में नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, जिससे मरीजों को सुरक्षित और व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.