बॉयकॉट विवाद में पाकिस्तान बुरी तरह फंसा, ICC ने PCB को टी20 वर्ल्ड कप को लेकर दे दिया आखिरी अल्टीमेटम
आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार पर कानूनी और आर्थिक कार्रवाई की चेतावनी दी है. ब्रॉडकास्टर जियोस्टार नुकसान की भरपाई के लिए मुकदमा कर सकता है.
नई दिल्ली: पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले का बॉयकॉट करने का फैसला किया है. यह निर्णय पाकिस्तान पर ही भारी पड़ सकता है. आईसीसी ने साफ कर दिया है कि इस कदम से ना सिर्फ PCB को वित्तीय नुकसान होगा, बल्कि आधिकारिक ब्रॉडकास्टर जियोस्टार की ओर से कानूनी कार्रवाई भी संभव है. पाकिस्तान सरकार के निर्देश पर लिया गया यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए विवाद को जन्म दे रहा हैं.
आईसीसी की कड़ी चेतावनी
आईसीसी ने पीसीबी को आगाह किया है कि अगर भारत के खिलाफ मैच नहीं खेला गया तो गंभीर परिणाम होंगे. सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी को डर है कि ब्रॉडकास्टर अपने व्यावसायिक नुकसान के लिए कानूनी रास्ता अपना सकता है. पीसीबी ने अबतक आईसीसी को औपचारिक पत्र भी नहीं भेजा है.
ब्रॉडकास्टर के अधिकार और अनुबंध
आईसीसी और जियोस्टार के बीच चार साल का करार है, जिसमें भारत-पाकिस्तान मुकाबलों को प्रमुख आकर्षण माना गया था. इन्हीं मैचों के आधार पर ब्रॉडकास्टर ने बड़ी रकम चुकाई. ऐसे में अगर मुकाबला नहीं होता, तो जियोस्टार के पास आईसीसी और पीसीबी दोनों के खिलाफ कोर्ट जाने का पूरा अधिकार होगा.
35 मिलियन डॉलर का खतरा
आईसीसी पाकिस्तान की सालाना राजस्व हिस्सेदारी लगभग 35 मिलियन डॉलर रोक सकता है. यह राशि ब्रॉडकास्टर को मुआवजे के तौर पर दी जा सकती है. पीसीबी के भीतर इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि आर्थिक झटका बोर्ड की भविष्य की योजनाओं को भी प्रभावित कर सकता है.
PCB ने क्या तर्क दिया?
पीसीबी का तर्क है कि उसने सरकार के निर्देश पर यह कदम उठाया. लेकिन आईसीसी के नियमों के अनुसार, यह दलील ज्यादा मजबूत नहीं मानी जा रही. पाकिस्तान अपने सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेल रहा है. ऐसे में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करना नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है.
यू-टर्न की अटकलें तेज
पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी को लेकर अटकलें हैं कि वह बांग्लादेश में 12 फरवरी के चुनाव के बाद फैसला बदल सकते हैं. नकवी एक राजनेता भी हैं और उन पर राजनीतिक संदेश देने का आरोप लग रहा है. अगर दो दिन पहले फैसला पलटता है तो संकट टल सकता है, वरना पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग पड़ने का खतरा है.