रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता हुई. रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में हुई यह बैठक करीब एक घंटे तक चली. बैठक में JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के प्रतिनिधियों के साथ अपनी मांगों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की.
बैठक के बाद छात्रों ने बातचीत को सकारात्मक बताया. हालांकि अभी उनकी प्रमुख मांगों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. छात्रों के मुताबिक सरकार ने उन्हें अपनी मांगें और सुझाव भेजने के लिए एक ईमेल आईडी उपलब्ध कराई है. इसके जरिए छात्र अपनी मांगों का विस्तृत फीडबैक सरकार तक पहुंचा सकेंगे.
शनिवार की बैठक के बाद सरकार की ओर से छात्रों से जुड़े अन्य संगठनों के साथ भी बातचीत की जा रही है. जानकारी के मुताबिक सरकार NSUI और JMM से जुड़े छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक कर रही है. सरकार का प्रयास अलग अलग छात्र समूहों की मांगों और सुझावों को समझकर आगे की प्रक्रिया तय करना है.
छात्रों का कहना है कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन आंदोलन समाप्त करने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार से ठोस निर्णय चाहते हैं.
छात्रों का आंदोलन 2 जुलाई से जारी है. अभ्यर्थियों ने JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
इसी मुद्दे को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. आंदोलन को समर्थन देते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी भूख हड़ताल पर हैं. बताया गया है कि वह लगातार छह दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारी छात्र कुश महतो ने कहा कि बातचीत देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी. उन्होंने संकेत दिया कि अगर छात्रों की मांगें स्वीकार नहीं की गईं तो भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा.
इससे पहले शुक्रवार को सरकार और एक अन्य छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच पहले दौर की वार्ता हुई थी. सरकार की ओर से बातचीत के लिए पैनल में चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव शामिल थे.