Jharkhand Fraud Case: किसी से 23 लाख तो किसी से 58 लाख...ठगी की मास्टरमाइंड निकली यह महिला! जानें कैसे पकड़ी गई?

Jharkhand Fraud Case: रांची पुलिस ने उषा बाखला को गिरफ्तार किया है, जिसने नौकरी और अन्य काम के नाम पर लोगों से 1 करोड़ 6 लाख रुपये की ठगी की थी. उसने रिम्स में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था.

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Anvi Shukla

Jharkhand Fraud Case: झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां उषा बाखला नाम की एक महिला ने सरकारी नौकरी और फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से 1 करोड़ 6 लाख रुपये ठग लिए. पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

बरियातू थाना क्षेत्र की रहने वाली उषा बाखला ने खुद को रिम्स में डॉक्टर बताकर लोगों का भरोसा जीता. पुलिस के अनुसार, उसने ओला कैब चालक संदीप कुमार को अपनी पहचान में लेकर उसे और उसके भाई को रिम्स में ड्राइवर या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी दिलाने का वादा किया. इसके बदले में संदीप से 23 लाख रुपये वसूले गए, जिनमें कैश और चेक दोनों शामिल थे.

फ्लैट और बिजनेस के नाम पर की मोटी वसूली

सिर्फ नौकरी ही नहीं, उषा ने फ्लैट बनवाने और व्यवसाय में निवेश के नाम पर भी कई लोगों से लाखों रुपये ऐंठे. खरसीदाग ओपी क्षेत्र के बिमल उरांव से फ्लैट बनवाने के नाम पर 58 लाख रुपये लिए गए. वहीं, धुर्वा निवासी सत्येंद्र दुबे से व्यापार में हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये और नगड़ी के बुलबुल मुंडा से नौकरी के बदले 22 लाख रुपये ठगे गए.

पीड़ितों की तलाश में पुलिस

बरियातू थाना में दर्ज FIR के मुताबिक, उषा बाखला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2)/318(4)/352/351(2)(3) के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस को शक है कि उसने रांची और आसपास के क्षेत्रों में कई और लोगों को इसी तरह ठगा है. फिलहाल पुलिस अन्य पीड़ितों से संपर्क कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

ठगों से सतर्क रहने की अपील

रांची पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी, फ्लैट या व्यवसाय में लाभ दिलाने के नाम पर मांगे गए पैसों से सावधान रहें और बिना जांच-परख के कोई बड़ा लेन-देन न करें.