IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026

गुरुग्राम में बनेगी 2 किलोमीटर लंबी नई सड़क, दिल्ली जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

गुरुग्राम में दिल्ली जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए मसानी बैराज के पास दो किलोमीटर लंबी तीन लेन की नई सड़क बनाने की योजना बनाई गई है. इस परियोजना से हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है.

Social Media
Babli Rautela

गुरुग्राम में ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए एक नई सड़क परियोजना की योजना बनाई गई है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने दिल्ली जयपुर हाईवे पर मसानी बैराज के पास नई सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस योजना के तहत दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए करीब दो किलोमीटर लंबी तीन लेन की नई सड़क बनाई जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से हाईवे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी.

दिल्ली जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है. रोजाना हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं. ऐसे में नई सड़क बनने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

मसानी बैराज के पास क्यों लगता है जाम

मसानी बैराज के पास ट्रैफिक जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. वर्तमान में जयपुर से दिल्ली की ओर आने के लिए तीन लेन का हाईवे मौजूद है, जबकि जयपुर की दिशा में सड़क केवल दो लेन की है. इसके अलावा सोहना से रेवाड़ी की ओर आने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग भी इसी स्थान पर आकर जुड़ता है.

जयपुर और रेवाड़ी की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण यहां अक्सर भारी जाम लग जाता है. कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं जिससे लोगों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने नई सड़क बनाने की योजना तैयार की है.

तीन लेन की नई सड़क बनेगी

नई योजना के अनुसार मसानी बैराज के पास दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए तीन लेन की सड़क बनाई जाएगी. यह सड़क करीब दो किलोमीटर लंबी होगी और मौजूदा हाईवे के समानांतर बनाई जाएगी. एनएचएआई के परियोजना अधिकारी योगेश तिलक ने बताया कि वर्तमान सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण जाम की स्थिति बन जाती है. नई सड़क बनने से यातायात को बेहतर तरीके से विभाजित किया जा सकेगा और वाहनों की आवाजाही आसान हो जाएगी.

इस परियोजना को शुरू करने के लिए एनएचएआई ने वन विभाग से जमीन देने का अनुरोध किया है. जानकारी के अनुसार करीब 2.199 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी. जब इस जमीन को मंजूरी मिल जाएगी तब सड़क निर्माण का काम शुरू किया जा सकेगा. अधिकारियों का कहना है कि योजना पूरी होने के बाद दिल्ली जयपुर हाईवे पर यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगी.