Monad University Fake Degree: कनाडा-लंदन तक फैला नेटवर्क, अब तक बिक चुकी हैं 1 लाख फर्जी डिग्रियां
Monad University Fake Degree: फरीदाबाद की मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री बेचने का मामला सामने आया है. आरोपियों ने भारत और विदेशों में जाल फैलाकर करीब 1 लाख से अधिक फर्जी डिग्रियां बेची हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
Monad University Fake Degree: हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें फर्जी डिग्री बेचने का रैकेट भारत से निकलकर कनाडा और लंदन तक फैल गया है. इस गिरोह ने अब तक लगभग 1 लाख से अधिक फर्जी डिग्रियां बेच दी हैं. यूपी एसटीएफ इस रैकेट की गहराई से जांच कर रही है.
इस घोटाले का मास्टरमाइंड पलवल निवासी संदीप सहरावत है, जो केवल 12वीं पास है. उसका साथी, बल्लभगढ़ का राजेश, मात्र 10वीं पास है. इनके नेटवर्क से इंजीनियरिंग, साइंस, कानून, फार्मेसी जैसी हर क्षेत्र की डिग्रियां बनवाई जा सकती थीं, वो भी कीमत के हिसाब से. बताया जा रहा है कि संदीप के कई बड़े नेताओं से संपर्क हैं और वह चुनावों में आर्थिक मदद भी करता था.
कनाडा-लंदन में भी डिग्रियां बेचीं
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों—खासतौर पर कनाडा और लंदन में रहने वाले लोगों को भी फर्जी डिग्रियां बेची हैं. इस नेटवर्क की पहुंच बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, एमपी, कर्नाटक और केरल तक है.
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कई बड़ी कंपनियों में फर्जी डिग्री से मिली नौकरी
सूत्रों का कहना है कि इन डिग्रियों के दम पर कई युवाओं ने बड़ी कंपनियों में नौकरियां पाई हैं. संदीप बीते तीन सालों से यह धंधा चला रहा था. अब एसटीएफ उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने इन जाली डिग्रियों से लाभ उठाया.
15 साल से चल रही है मोनाड यूनिवर्सिटी
मोनाड यूनिवर्सिटी की स्थापना 2010 में हापुड़ के पिलखुवा रोड पर हुई थी. करीब 57-58 एकड़ में फैली यूनिवर्सिटी में 5 हजार से अधिक छात्र विभिन्न कोर्स की पढ़ाई करते हैं.
अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
एसटीएफ डीएसपी संजीव दीक्षित के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ. मुख्य आरोपी संदीप सहरावत को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसने वीसी विजेंद्र सिंह हुड्डा और प्रो चांसलर नितिन कुमार सिंह समेत अन्य का नाम लिया. अब तक 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.