menu-icon
India Daily

हरियाणा के कलियाणा गांव में मिला अनोखा 'हिलना पत्थर', दूर-दूर से आ रहे वैज्ञानिक; खासियत जान रह जाएंगे दंग

Strange Moving Stones In Haryana: चरखी दादरी के कलियाणा गांव में अरावली पहाड़ियों में एक अनोखी चीज मिली है, जिससे यह गांव चर्चा में है. देशभर से भू-वैज्ञानिक यहां पहुंच रहे हैं और इस अनोखी चीज का अध्ययन कर रहे हैं.

anvi shukla
Edited By: Anvi Shukla
हरियाणा के कलियाणा गांव में मिला अनोखा 'हिलना पत्थर', दूर-दूर से आ रहे वैज्ञानिक; खासियत जान रह जाएंगे दंग
Courtesy: social media

Strange Moving Stones In Haryana: हरियाणा के चरखी दादरी जिले के कलियाणा गांव की अरावली पहाड़ियों में एक अनोखा और लचीला पत्थर मिला है, जिसे स्थानीय लोग ‘हिलना पत्थर’ के नाम से जानते हैं. यह पत्थर अपनी खास संरचना के कारण रबड़ की तरह झुकता और हिलता है. भू-वैज्ञानिक इसे 'फ्लेक्सिबल सैंडस्टोन' कहते हैं. इसकी खोज अब भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन चुकी है. इस पत्थर को लेकर वैज्ञानिकों में गहरी दिलचस्पी देखी जा रही है.

दिल्ली विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रोफेसर प्रभास पांडे ने अपनी टीम के साथ कलियाणा गांव पहुंचकर इस अनोखे पत्थर का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा, “इस पत्थर की विशेष संरचना भूकंप रोधी इमारतों के निर्माण में उपयोगी हो सकती है. यदि इस पर व्यापक अध्ययन किया जाए तो यह भारत जैसे भूकंप संभावित क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकता है.”

सरकार बना रही है पर्यटन स्थल का खाका

कलियाणा गांव अब पर्यटकों और वैज्ञानिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले और भूवैज्ञानिक धरोहर संरक्षित हो. वन और खनन विभाग ने अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगा दी है, ताकि इस अनोखी धरोहर को बचाया जा सके. इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और क्षेत्र का विकास हो सकता है.

ग्रामीण भी कर रहे हैं संरक्षण की पहल

गांव के निवासी नरेंद्र राजपूत, बिजेंद्र सिंह, जयभगवान और पूर्व सरपंच नानकी देवी इस धरोहर की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीणों की मांग है कि इस अनोखे 'हिलना पत्थर' को विश्व धरोहर का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह सुरक्षित रह सके. ग्रामीण इसके संरक्षण और प्रचार के लिए भी काम कर रहे हैं. उनका मानना है कि इससे न केवल गांव का विकास होगा, बल्कि पर्यटन भी बढ़ेगा.