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India Daily

रोहिंग्याओं पर गृह मंत्रालय का शिकंजा, गुरुग्राम में 8 अवैध बांग्लादेशी नागरिक हुए गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज भी बरामद

गुरुग्राम में पुलिस ने 8 बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया है. 4 डिटेंशन सेंटरों में जांच जारी है. 200 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान हो रही है. गृह मंत्रालय के निर्देश पर चल रहे इस अभियान में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

Yogita Tyagi
Edited By: Yogita Tyagi
रोहिंग्याओं पर गृह मंत्रालय का शिकंजा, गुरुग्राम में 8 अवैध बांग्लादेशी नागरिक हुए गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज भी बरामद

गुरुग्राम में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर पुलिस ने अब तक आठ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास मिले भारतीय दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए. इन सभी को डिटेंशन सेंटर में रखकर देश से डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस अभियान के तहत करीब 200 अन्य संदिग्धों की भी जांच की जा रही है.

गृह मंत्रालय के आदेश पर चला अभियान

यह पूरा अभियान केंद्रीय गृह मंत्रालय के 2 मई 2025 के आदेश के तहत चलाया जा रहा है, जिसमें सभी राज्यों को जिला स्तर पर अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, गृह मंत्रालय ने इनके निर्वासन की एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि फर्जी दस्तावेज मिलने पर उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखकर देश से बाहर किया जाएगा.

चार डिटेंशन सेंटर बनाये गए 

गुरुग्राम पुलिस ने हाल ही में जिला प्रशासन को पत्र लिखकर चार डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की मांग की थी. इसके बाद प्रशासन ने 18 जुलाई को बादशाहपुर, सेक्टर 10ए, सेक्टर 40 और मानेसर में सामुदायिक केंद्रों को डिटेंशन सेंटर घोषित किया है. इन सभी सेंटरों की निगरानी के लिए संबंधित इलाकों के नायब तहसीलदारों को प्रभारी नियुक्त किया गया है, ताकि संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो.

गुरुग्राम पुलिस कर रही जांच 

गुरुग्राम पुलिस और जिला प्रशासन की टीम लगातार झुग्गी-झोपड़ियों, अस्थायी बस्तियों और निर्माण स्थलों पर जांच कर रही है. नगर निगम में ठेके पर कार्यरत सफाईकर्मियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, जिनमें से अधिकांश पश्चिम बंगाल और असम से आए हुए हैं. पुलिस इनसे संपर्क कर उनकी नागरिकता और दस्तावेजों की जांच कर रही है.

अब तक 50 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया

हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 50 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस का कहना है कि जिनके दस्तावेज वैध पाए जाएंगे, उन्हें छोड़ दिया जाएगा. वहीं जिनके कागजात फर्जी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी. चारों डिटेंशन सेंटरों की व्यवस्था इस प्रकार की गई है, बादशाहपुर सेंटर का संचालन बादशाहपुर के नायब तहसीलदार देखेंगे, सेक्टर 10ए सेंटर का जिम्मा कादीपुर के नायब तहसीलदार को दिया गया है, सेक्टर 40 सेंटर की कमान वजीराबाद के नायब तहसीलदार के पास है और मानेसर सेंटर के प्रभारी मानेसर के नायब तहसीलदार होंगे.

 तकनीकी संसाधनों की भी मदद ली जा रही 

पुलिस को संदेह है कि कार्रवाई के डर से कई अवैध प्रवासी भूमिगत हो गए हैं. इन्हें पकड़ने के लिए खुफिया जानकारी और तकनीकी संसाधनों की भी मदद ली जा रही है. पुलिस का उद्देश्य है कि शहर में रह रहे हर विदेशी नागरिक के दस्तावेजों की जांच कर वैधता सुनिश्चित की जाए और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने लोगों को जल्द से जल्द बाहर किया जाए.