Haryana Board 10th Certificate: हरियाणा बोर्ड से 10वीं कक्षा पास कर चुके छात्रों के लिए राहत और जरूरी खबर है. जो विद्यार्थी मार्च 2025 की परीक्षा में शामिल हुए थे, उनके प्रमाण-पत्र अब आधिकारिक रूप से जारी किए जा रहे हैं. बोर्ड ने जानकारी दी है कि छात्रों के प्रमाण-पत्र, माइग्रेशन, कंपार्टमेंट और अनुतीर्ण कार्ड्स 24 जुलाई से जिलावार वितरित किए जाएंगे. इससे छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश लेने या अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.
बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डा.) पवन कुमार ने बताया कि सभी स्कूलों/विद्यापीठों के प्रमुख इन प्रमाण-पत्रों को संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 24 और 25 जुलाई को तय समय पर प्राप्त कर सकते हैं. यदि स्कूल प्रमुख स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, तो वे अपने किसी शिक्षक को अधिकृत कर सकते हैं, बशर्ते वह शिक्षक प्राधिकरण पत्र साथ लाए. भिवानी जिले के लिए प्रमाण-पत्र विशेष रूप से बोर्ड मुख्यालय के कमरा नंबर 44 से वितरित किए जाएंगे.
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए अहम सूचना जारी की गई है. मार्च 2025 में हुई बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए छात्रों के प्रमाण-पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कंपार्टमेंट और अनुतीर्ण कार्ड अब वितरित किए जा रहे हैं. यह प्रक्रिया 24 जुलाई 2025 से शुरू होगी, जिसे लेकर बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए हैं.
बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डा) पवन कुमार, उपाध्यक्ष सतीश कुमार और सचिव डा. मुनीश नागपाल ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि सभी स्कूलों के प्रमुख (मुखिया) 24 जुलाई को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक और 25 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकते हैं.
भिवानी जिले के स्कूलों के लिए एक अलग व्यवस्था की गई है. इन स्कूलों को अपने छात्रों के दस्तावेज हरियाणा बोर्ड के मुख्यालय स्थित कमरा नंबर 44 से प्राप्त करने होंगे.
अगर किसी कारणवश विद्यालय प्रमुख स्वयं प्रमाण-पत्र लेने में असमर्थ हों, तो वे अपने विद्यालय के किसी भी शिक्षक को अधिकृत कर सकते हैं. इसके लिए संबंधित शिक्षक को अधिकृत करने का प्राधिकरण पत्र अपने साथ लाना अनिवार्य होगा.
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रमाण-पत्र छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई, एडमिशन प्रक्रिया और स्कॉलरशिप के लिए जरूरी होते हैं. देरी या गलती से छात्रों को नुकसान हो सकता है. इसलिए स्कूलों से अपेक्षा की गई है कि वे समय पर प्रमाण-पत्र प्राप्त करें और उन्हें छात्रों तक पहुंचाएं.
हरियाणा बोर्ड का यह प्रयास छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया गया है ताकि अगली कक्षा में प्रवेश या अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएं बिना किसी अड़चन के पूरी हो सकें.