चंडीगढ़: हरियाणा में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है. राज्य में चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा तय कर दी गई है. अब कोई भी व्यापारी किसी भी स्थान या समय पर 4000 क्विंटल यानी 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और बाजार में कृत्रिम कमी रोकने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं. इन नियमों के तहत व्यापारियों को चीनी का स्टॉक मिलने की तारीख से 30 दिनों से ज्यादा समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी.
चीनी की जमाखोरी पर सरकार का सख्त प्रहार, ताकि बाजार में बनी रहे पर्याप्त उपलब्धता और उपभोक्ताओं को न हो कोई परेशानी।
— Haryana BJP (@BJP4Haryana) August 21, 2026
स्टॉक लिमिट में कटौती से जमाखोरी पर रोक, वहीं बढ़ते उत्पादन और किसानों के हितों पर भी सरकार का पूरा फोकस।
उपभोक्ता भी सुरक्षित, किसान भी सशक्त। 🇮🇳#SugarSupply… pic.twitter.com/7nNDDpOswd
सरकार ने सभी चीनी व्यापारियों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया है. व्यापारियों को अपने पास मौजूद चीनी के वर्तमान स्टॉक की जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी.
इसके अलावा हर शुक्रवार को पोर्टल पर स्टॉक की जानकारी अपडेट करनी होगी. सरकार का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता और व्यापारियों के पास मौजूद स्टॉक की नियमित निगरानी करना है.
विशेष स्टॉक सीमा से जुड़ा यह आदेश 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, जानकारी देने में देरी करने या गलत और अधूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
सरकार ने कहा है कि राज्य में चीनी की कीमतों और आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जाएगी. साथ ही आम लोगों से घबराकर जरूरत से ज्यादा चीनी खरीदने या खुद जमाखोरी करने से बचने की अपील की गई है.
यदि किसी उपभोक्ता को किसी व्यापारी द्वारा निर्धारित सीमा से ज्यादा चीनी जमा करने, जमाखोरी करने या अनुचित कीमत वसूलने की जानकारी मिलती है, तो इसकी शिकायत संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में की जा सकती है.
सरकार के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. नए नियमों का मकसद चीनी की उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी पर रोक लगाना और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखना है.