हरियाणा के हिसार में गुरुवार को कोर्ट के मुख्य गेट के बाहर सनसनीखेज वारदात हुई. कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना को बाइक सवार हमलावरों ने गोलियों से भून दिया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने उस पर करीब 12 राउंड फायर किए. गंभीर रूप से घायल पानू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वारदात के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए.
पुलिस के अनुसार घटना दोपहर करीब दो बजे की है. विनोद पानू कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था और मुख्य गेट से बाहर निकल रहा था. इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने उसे रोककर अचानक फायरिंग शुरू कर दी. आरोपियों ने कई गोलियां चलाने के बाद हवा में भी दो राउंड फायर किए और तेजी से मौके से भाग निकले. अचानक हुई गोलीबारी से आसपास अफरा-तफरी मच गई.
हिसार
— Abhishek Tyagi (@abhishek03tyagi) August 20, 2026
बदमाशों ने 12 गोलियां चलाईं, पेशी पर आया था; विधायक के पीए के भतीजे की हत्या की थी
हरियाणा के हिसार में पेशी पर आए गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। बाइक सवार बदमाशों ने कोर्ट गेट के सामने 12 राउंड फायरिंग की। गैंगस्टर पर हत्या समेत… pic.twitter.com/6Cw1P0fKBh
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और कोर्ट परिसर समेत आसपास के इलाके को घेर लिया. सड़क पर खून के निशान मिले, जबकि मौके से फायरिंग से जुड़े सबूत जुटाए गए. पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया. अधिकारियों ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी नमूने और अन्य साक्ष्य सुरक्षित किए हैं. हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विनोद पानू उर्फ काना हिसार के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल था. उसके खिलाफ हत्या समेत करीब 40 आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं. उसका आपराधिक नेटवर्क हरियाणा के अलावा दिल्ली-NCR तक फैला होने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, पानू पर विधायक सावित्री जिंदल के निजी सहायक के भतीजे की हत्या के मामले में भी आरोप था.
विनोद पानू को 2017 में झज्जर के भदवास इलाके से CIA ने गिरफ्तार किया था. उस समय उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर सात लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस ने उसके साथ सात अन्य आरोपियों को भी पकड़ा था. इनमें रेडूवास निवासी धीरपाल भी शामिल था, जिस पर गंभीर आपराधिक मामले में वांछित होने और पैरोल से फरार होने का आरोप था.
2017 की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद करने का दावा किया था. बरामद सामान में दो रिवॉल्वर, एक कार्बाइन, दो 12-बोर बंदूकें और तीन पिस्तौल शामिल थीं. इसके अलावा रिवॉल्वर के सात, कार्बाइन के सात, 12-बोर के 27 और पिस्तौल के 21 कारतूस भी मिले थे. अब पुलिस कोर्ट के बाहर हुई हत्या की जांच में हमलावरों और हत्या की वजह का पता लगा रही है.