'सैलरी के बहाने रची गई थी दंगे की सोची-समझी साजिश', IMT मानेसर हिंसा मामले में गुरुग्राम पुलिस का बड़ा खुलासा
गुरुग्राम पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आईएमटी मानेसर में सैलरी वृद्धि को लेकर हुआ बवाल कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी. बाहरी असामाजिक तत्वों ने व्हाट्सएप के जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक बनाकर आगजनी और पथराव को अंजाम दिया.
गुरुग्राम: हरियाणा के औद्योगिक केंद्र आईएमटी मानेसर में पिछले दिनों हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस की मानें तो वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा श्रमिकों का आंदोलन अचानक भड़का हुआ गुस्सा नहीं था, बल्कि इसके पीछे बाहरी तत्वों की एक गहरी साजिश काम कर रही थी. जांच में सामने आया है कि कुछ ऐसे असामाजिक तत्वों ने भीड़ को उकसाया, जिनका औद्योगिक इकाइयों से कोई सीधा संबंध नहीं था.
पुलिस ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के बयान के अनुसार, ये आरोपी ही हड़ताल के दौरान हुई मुख्य हिंसा के सूत्रधार थे. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आकाश (रोहतक), हरीश चंद (पौड़ी गढ़वाल), पिंटू कुमार (बिहार), राजू सिंह (ऊधम सिंह नगर), श्यामबीर (बदायूं) और अजीत सिंह (जींद) के रूप में हुई है. जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि ये सभी आरोपी बाहरी थे और इनका मानेसर की किसी भी कंपनी से कोई आधिकारिक नाता नहीं था.
व्हाट्सएप चैट से खुला 'अराजकता' का राज
साजिश की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई ऐसे व्हाट्सएप चैट मिले हैं, जो सीधे तौर पर हिंसा की प्लानिंग की ओर इशारा करते हैं. अप्रैल के पहले हफ्ते से तहसील कार्यालय के बाहर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन 9 अप्रैल को अचानक हिंसक हमला और पथराव में बदल गया. इन बाहरी तत्वों ने न केवल इमारतों और गाड़ियों में तोड़फोड़ की, बल्कि पुलिस अधिकारियों को भी अपना निशाना बनाया.
पुलिस का बड़ा एक्शन: 55 श्रमिक पहुंचे जेल
इस जघन्य अपराध के सिलसिले में गुरुग्राम पुलिस अब तक 55 श्रमिकों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें 25 महिलाएं भी शामिल हैं. इन सभी को भोंडसी जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 44 श्रमिकों को जमानत के दस्तावेज पेश करने का मौका दिया गया था, लेकिन वे कोई जमानतदार पेश नहीं कर पाए. फिलहाल, पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है और व्हाट्सएप ग्रुप्स की बारीकी से जांच की जा रही है.