नई दिल्ली: कैलाशपुरी निवासी कमल ध्यानी बुधवार रात रोहिणी से घर लौटते समय लापता हो गए. जब वह घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने पुलिस के साथ रात भर उनकी तलाश की,. गुरुवार सुबह जनकपुरी में एक 15 फुट गहरे गड्ढे में कमल का शव और उनकी बाइक बरामद हुई. यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड के काम के लिए खोदा गया था. इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है.
कमल का शव सुबह 8 बजे 15 फुट गहरे गड्ढे में मिला, जो जल बोर्ड के काम के लिए खोदा गया था. पुलिस जांच के अनुसार, बिना बैरिकेडिंग और अंधेरे की वजह से वह बाइक सहित गड्ढे में गिर गए. व्यस्त सड़क पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस जानलेवा हादसे का मुख्य कारण बनी.
परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का कड़ा आरोप लगाया है. एक रिश्तेदार ने साजिश का संदेह जताते हुए कहा कि उसे धक्का दिया गया हो सकता है. परिवार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके.
इस हादसे ने दिल्ली में राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है. पार्षद रमिंदर कौर ने बताया कि यह खुदाई आठ महीनों से असुरक्षित तरीके से चल रही थी. आम आदमी पार्टी ने इसे सिस्टम की विफलता बताया है. क्षेत्र में सुरक्षा बाड़ और रोशनी की कमी की शिकायतें पहले भी की गई थीं.
मंत्री आशीष सूद ने जांच के आदेश दिए और तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. जल बोर्ड ने गहरा दुख जताते हुए एक कमेटी बनाई है जो लापरवाही की जांच करेगी. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी और सभी साइटों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा. वही पुलिस ने मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है. गड्ढे से बाइक निकाली जा रही है और तकनीकी सबूतों की जांच जारी है,. जल बोर्ड ने नागरिकों से हेल्पलाइन 1916 पर असुरक्षित स्थलों की सूचना देने को कहा है. प्रशासन अब सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के प्रयास कर रहा है.