CM मान की सरकार ने कुर्बानी विरोधी कानून बनाकर सिख समुदाय की भावनाओं का पूरा सम्मान किया. इसके अलावा तख्त साहिबान वाले शहरों जैसे अमृतसर, आनंदपुर साहिब, पटना साहिब और ननकाना साहिब को पवित्र शहर घोषित किया गया. इससे इन शहरों की धार्मिक गरिमा बढ़ी है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिख यादगार त्योहारों जैसे गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व, बैसाखी, गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस आदि को बड़े स्तर पर मनाने की परंपरा शुरू की. इन त्योहारों पर राज्य सरकार द्वारा भव्य इवेंट्स आयोजित किए जाते हैं, जिसमें लाखों सिख श्रद्धालु शामिल होते हैं.
मान सरकार द्वारा उठाए गए ये सभी कदम सिख समुदाय के इतिहास, संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को मजबूत करने वाले हैं. CM मान का कहना है कि सिख धर्म की शिक्षाएं पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक हैं और सरकार इन शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. पिछली कुछ तथाकथित पंथिक सरकारों पर निशाना साधते हुए CM मान ने कहा कि वे केवल धर्म का नाम लेकर राजनीति करते थे. उन्होंने धर्म और गुरु का सम्मान करने के बजाय सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की. जबकि भगवंत मान सरकार ने सिख इतिहास का सम्मान सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे दिल से किया है.
सिख संगठनों और आम लोगों ने CM भगवंत मान के इन फैसलों का स्वागत किया है. लोग कह रहे हैं कि लंबे समय बाद एक ऐसी सरकार आई है जो गुरु साहिबान के सम्मान में ठोस कदम उठा रही है. यह पहल न सिर्फ सिख समुदाय के लिए बल्कि पूरे पंजाब की धार्मिक सद्भावना को मजबूत करने वाली है. CM मान का यह रवैया सिख इतिहास और विरासत को संरक्षण देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.