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India Daily

दिल्ली के कोचिंग सेंटर में फिर भड़की आग, स्थानीय लोगों की बहादुरी से टला बड़ा हादसा; प्रशासन पर उठे सवाल

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया . स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई.

KanhaiyaaZee
दिल्ली के कोचिंग सेंटर में फिर भड़की आग, स्थानीय लोगों की बहादुरी से टला बड़ा हादसा; प्रशासन पर उठे सवाल
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: दिल्ली के रिहायशी इलाकों में चल रहे कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा की अनदेखी एक बार फिर बड़ी मुसीबत बनते-बनते बची. शनिवार को वेलकम थाना क्षेत्र की जनता मजदूर कॉलोनी में स्थित एक कोचिंग सेंटर के ग्राउंड फ्लोर पर अचानक आग धधक उठी. उस वक्त वहां कई छात्र कंप्यूटर पर काम कर रहे थे और कुछ पढ़ाई में मशगूल थे. आग की लपटें देख मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे सेंटर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.

शुरुआती जांच के अनुसार, इस डरावनी घटना की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. जैसे ही बिजली के मुख्य बोर्ड से चिंगारियां निकलीं, आग ने तेजी से सेंटर के निचले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया. वहां मौजूद मासूम छात्रों को संभलने का थोड़ा भी मौका नहीं मिला और पल भर में चारों तरफ काला धुआं भर गया. दहशत के कारण बच्चे बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे. गनीमत रही कि आग की सूचना मिलते ही पास-पड़ोस के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े 

स्थानीय लोगों का अदम्य साहस

जब सेंटर के अंदर बच्चे फंसे हुए थे और बाहर निकलने का रास्ता धुएं से बंद हो चुका था, तब दमकल विभाग का इंतजार किए बिना कॉलोनी के जांबाज लोगों ने मोर्चा संभाला. स्थानीय निवासियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया. कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के साथ एक-एक करके सभी बच्चों को सेंटर की खिड़कियों और पिछले रास्तों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. लोगों की इस बहादुरी की वजह से ही आज कई परिवारों के चिराग बुझने से बच गए.

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

हादसे की खबर मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां बिना समय गंवाए जनता मजदूर कॉलोनी पहुंची. हालांकि इलाका काफी तंग था, लेकिन अग्निशमन कर्मियों ने अपनी पेशेवर क्षमता का परिचय देते हुए स्थिति को संभाला. लगभग एक घंटे तक चली मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरे हादसे में कोई भी हताहत नहीं हुआ है . दमकल विभाग अब आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों की गहनता से जांच कर रहा है.

सुरक्षा मानकों की पुरानी अनदेखी

राजधानी दिल्ली के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुका है. आपको याद होगा कि वर्ष 2024 में राजेंद्र नगर में एक सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन होनहार छात्रों की दुखद मृत्यु हो गई थी. इसके बाद 2025 में भी ओल्ड राजेंद्र नगर के ही एक संस्थान में आग लगने की घटना हुई थी. इन तमाम भयावह घटनाओं के बावजूद प्रशासन और कोचिंग संचालक सुरक्षा के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं, जिसका खमियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है .

रिहायशी इलाकों में अवैध सेंटरों का जाल

वर्तमान में दिल्ली के कई तंग रिहायशी इलाकों में बिना किसी वैध परमिट या फायर एनओसी के कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं. रिहायशी इमारतों में भारी मात्रा में बिजली के उपकरणों का उपयोग होने से शॉर्ट सर्किट का खतरा हमेशा बना रहता है. पुलिस और प्रशासन अब वेलकम इलाके के इस सेंटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं. जब तक इन अवैध रूप से चल रहे सेंटरों पर कड़ा अंकुश नहीं लगाया जाएगा, तब तक छात्रों का भविष्य और सुरक्षा दोनों दांव पर लगे रहेंगे.