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'दो साल का मिलना चाहिए समय...', दिल्ली प्रदूषण पर सरकार के समर्थन में उतरे मनोज तिवारी

दिल्ली प्रदूषण पर सरकार के बचाव में भाजपा नेता मनोज तिवारी सामने आए हैं. उन्होंने दिल्ली के प्रदूषण को लेकर की दलीलें दी हैं. उनका कहना है कि दिल्ली प्रदूषण पर नियंत्रण को आंकने के लिए दस महीने बहुत ही कम समय है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
'दो साल का मिलना चाहिए समय...', दिल्ली प्रदूषण पर सरकार के समर्थन में उतरे मनोज तिवारी
Courtesy: India Daily

नई दिल्ली: दिल्ली की हवा दिन प्रतिदिन और दूषित होती जा रही है. दिल्ली के प्रदूषण में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है. जिस कारण लगातार दिल्ली सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. अब दिल्ली सरकार के बचाव में भाजपा नेता मनोज तिवारी सामने आए हैं. उन्होंने दिल्ली के प्रदूषण को लेकर की दलीलें दी हैं.

उनका कहना है कि दिल्ली प्रदूषण पर नियंत्रण को आंकने के लिए दस महीने बहुत ही कम समय है. उनका मानना है कि सरकार को इस समस्या से प्रभावी तौर पर निजात पाने के लिए तकरीबन दो साल का समय चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस साल भयंकर वाला प्रदूषण महज 2 हफ्ते ही रहा है. मनोज तिवारी के इस बयान पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं . 

'दो साल का मिलना चाहिए समय'

इस दिल्ली प्रदुषण के कारण दिल्ली का दम घुट रहा है, दिवाली के पहले से ही दिल्ली में धुंध देखी जा रही थी. प्रदुषण का असर अब तक शहर पर है. लेकिन अब सरकार के पक्ष में भाजपा नेता मनोज तिवारी उतरे हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए तकरीब 2 साल का समय देना चाहिए. इतना ही नहीं उनता तो यह भी कहना है कि महज दस महीने में ही सरकार के कार्यो पर अपनी राय बना लेना सही नहीं है. 

उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण पर अभी तो उनका काम शुरु हुआ है. राजधानी में  यह समस्या अभी की नहीं है सरकार पहले दिन से इस समस्या पर काम कर रही है. 

महज 2 हफ्ते ही रहा भारी प्रदूषण

मनोज तिवारी ने आगे कहा कि रातो रात इस समस्या से निजाद नहीं पाया जा सकता है. इसके लिए आपको समय देना होगा. वैसे भी अभी तक भारी प्रदूषण केवल दो हफ्ते ही रहा है. इस साल दिल्ली वासियों के लिए केवल 15-16 दिन ही मुश्किल रहे हैं. 

तिवारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मुझे अस्थमा की समस्या है और पहले मुझे प्रदूषण के कारण करीब महीने सवा महीने के लिए बाहर रहना पड़ता था, लेकिन इस बार वो स्थिती नहीं आई. अगर सही से समय दिया जाए और समीक्षा की जाए तो स्थिती सामान्य हो सकती है.