दिल्ली विधानसभा परिसर में सोमवार को एक बड़ी सुरक्षा चूक ने हड़कंप मचा दिया. दोपहर करीब दो बजे एक सफेद टाटा सिएरा कार ने गेट नंबर-2 का बैरियर तोड़कर अंदर दाखिल हो गई. कार चालक ने स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के दफ्तर के बरामदे में फूलों का गुलदस्ता रखा और तेजी से भाग निकला. घटना के समय स्पीकर अपने दफ्तर में ही मौजूद थे. पुलिस ने कार को जब्त कर लिया और आरोपी सहित तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है. इस घटना ने विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर हाल की बम धमकियों के बाद.
सोमवार दोपहर करीब 2:05 बजे यूपी नंबर प्लेट वाली सफेद टाटा सिएरा कार गेट नंबर-2 से अंदर घुसी, जो आमतौर पर सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए खुला रहता है. आरोपी के चेहरे पर नकाब था. उसने बैरिकेडिंग तोड़ी और सीधे स्पीकर के दफ्तर की तरफ बढ़ा. वहां कार रोकी, उतरा और बरामदे में फूलों का गुलदस्ता, एक हार और कुछ कागज रख दिए. इसके बाद वह कार में बैठकर तेज रफ्तार से बाहर निकल गया. गेट पर CRPF के जवान तैनात थे, लेकिन आरोपी इतनी तेजी से अंदर-बाहर हो गया कि तुरंत रोक नहीं पाए. पुलिस के अनुसार कार का नंबर UP26AZ8090 था और ड्राइवर का नाम सरबजीत सिंह बताया जा रहा है.
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने तुरंत अलर्ट जारी किया. कार को उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके से बरामद कर लिया गया. पुलिस ने आरोपी सरबजीत सिंह समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है. गाड़ी जब्त कर ली गई है और पूछताछ जारी है. बॉम्ब स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर गुलदस्ते की जांच की, जिसमें कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और स्पेशल सेल के कमिश्नर अनिल शुक्ला खुद विधानसभा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने ऐसा क्यों किया और क्या इसके पीछे कोई साजिश थी.
यह घटना विधानसभा की सुरक्षा प्रोटोकॉल में कमजोरी को साफ तौर पर उजागर करती है. गेट नंबर-2 जैसे संवेदनशील पॉइंट पर कार इतनी आसानी से घुस गई, जबकि वहां सीआरपीएफ तैनात थी. हाल ही में बजट सत्र के दौरान विधानसभा को कई बम धमकियां मिली थीं, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई थी. फिर भी यह चूक हुई. स्पीकर विजेंद्र गुप्ता उस समय अपने दफ्तर में थे और घटना से ठीक पहले शिक्षा विभाग के ऑफिस का दौरा कर लौटे थे. अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा सेंध माना है. अब सभी एंट्री पॉइंट्स पर सख्ती बढ़ाई जा रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है.
फिलहाल विधानसभा परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस पूछताछ में आरोपी से पूछ रही है कि उसने गुलदस्ता क्यों रखा और क्या कोई बड़ा मकसद था. गुलदस्ते में कोई खतरा नहीं पाया गया, लेकिन घटना ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली पुलिस और विधानसभा प्रशासन मिलकर पूरी जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं. लोग इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं क्योंकि लोकतंत्र के मंदिर में सुरक्षा की कोई भी ढिलाई खतरनाक साबित हो सकती है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी.