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'तू है क्या चीज', वकील और आरोपी ने महिला जज को भरे कोर्ट में दी धमकी, कहा- बाहर मिल देखता हूं कैसे घर जाती है...

Delhi Court Room Viral: कोर्ट ने वकील को अगली सुनवाई की तारीख पर लिखित में जवाब देने को कहा है. यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो हाई कोर्ट में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सकती है.

Gyanendra Tiwari
'तू है क्या चीज', वकील और आरोपी ने महिला जज को भरे कोर्ट में दी धमकी, कहा- बाहर मिल देखता हूं कैसे घर जाती है...
Courtesy: Social Media

Delhi Court Room Viral: दिल्ली की एक अदालत में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक दोषी और उसके वकील ने भरे कोर्ट में महिला जज को गालियां दीं और जान से मारने की धमकी तक दे डाली. यह मामला एक चेक बाउंस केस से जुड़ा है, जिसमें आरोपी को दोषी ठहराया गया था.

2 अप्रैल को न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवांगी मंगला ने चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी करार दिया. इसके बाद आरोपी को अगली तारीख पर जमानती बॉन्ड भरने का आदेश दिया गया. मगर फैसले के तुरंत बाद कोर्ट का माहौल पूरी तरह से बदल गया. आरोपी, जो कि एक 63 वर्षीय रिटायर्ड स्कूल टीचर है, इतना भड़क गया कि उसने जज की ओर कोई वस्तु फेंकने की कोशिश की.

जज को धमकी: "तू है क्या चीज…"

कोर्ट में दिए गए बयान के अनुसार, आरोपी ने जज से कहा, “तू है क्या चीज… बाहर मिल, देखता हूं कैसे जिंदा घर जाती है.” इस धमकी ने कोर्ट में मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया. इस दौरान वकील ने भी आरोपी का साथ देते हुए जज को अपशब्द कहे और अपमानजनक बातें कही.

जज की मां को लेकर भी की अभद्र टिप्पणी

इस शर्मनाक घटना में आरोपी और उसके वकील ने महिला जज की मां को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. कोर्ट में दर्ज आदेश के मुताबिक, ये टिप्पणियां न केवल अशोभनीय थीं, बल्कि महिला जज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली भी थीं.

महिला जज के अनुसार, आरोपी और उसके वकील ने उन्हें इतना प्रताड़ित किया कि वे इस्तीफा देने पर मजबूर हो जाएं. लेकिन जज शिवांगी मंगला ने किसी भी दबाव में आए बिना स्पष्ट कहा कि वह कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करेंगी.

महिला आयोग में शिकायत, वकील को नोटिस

जज ने आदेश में लिखा है कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी. वहीं, आरोपी के वकील अतुल कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें पूछा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही क्यों न की जाए.