दिल्ली में 'मौत का गड्ढा': तड़पता रहा बाइकर, देखकर भी सब-कॉन्ट्रैक्टर ने किया अनदेखा; अब पहुंचा सलाखों के पीछे

दिल्ली के जनकपुरी में सीवर लाइन प्रोजेक्ट के लिए खोदे गए 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया है. सरकार ने इस गंभीर लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं.

Delhi kamal Dhyani Death Case
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक हृदयविदारक हादसा घटित हुआ है, जहां दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही ने एक होनहार युवक की जान ले ली. 15 फीट गहरे सीवर लाइन प्रोजेक्ट के गड्ढे में गिरने से कमल ध्यानी की मृत्यु हो गई. कमल एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में कार्यरत था और रात को ऑफिस से घर लौटते समय इस जानलेवा गड्ढे का शिकार बना. इस घटना ने न केवल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मानकों की अनदेखी को भी उजागर किया है.

पुलिस जांच के दौरान सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति की भारी संवेदनहीनता का पर्दाफाश हुआ है. जानकारी के अनुसार, प्रजापति को हादसे की खबर रात में ही मिल गई थी. वहां से गुजर रहे एक परिवार ने गड्ढे में गिरे युवक को देखकर सुरक्षाकर्मी को आगाह किया था. प्रजापति रात 12.22 बजे घटनास्थल पर पहुंचा भी, उसने गड्ढे के अंदर बाइक और डूबे हुए इंसान को अपनी आंखों से देखा, लेकिन उसने पुलिस को सूचित करने के बजाय चुपचाप घर जाना ही बेहतर समझा.

गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज 

इस दुखद मामले में जनकपुरी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए एफआईआर दर्ज की है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला कॉन्ट्रैक्टर और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के विरुद्ध पंजीकृत किया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक अक्षम्य अपराध है और जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है. दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित न्याय मिल सके.

अधिकारियों पर गिरी गाज 

शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों की जवाबदेही तय की. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, लापरवाही के घेरे में आए सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. मंत्री ने बताया कि इस घटना की तह तक जाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है. सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा.