यूपी के किसानों के लिए बुरी खबर! इस दस्तावेज के बिना नहीं मिलेगी पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये मिलते हैं, जो तीन किस्तों में 2000-2000 रुपये के रूप में सीधे बैंक खाते में आते हैं लेकिन अब फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य हो गई है.
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर आई है. यहां के कई किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं, अगर उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है. जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने खुद इस बारे में साफ कर दिया है.
फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिलेगी अगली किस्त
शनिवार को सदर तहसील परिसर में जिलाधिकारी ने एक जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह वाहन गांव-गांव जाकर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए जागरूक करेगा. डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि जिन किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनवाई है, वे जल्द से जल्द बनवा लें. अगर रजिस्ट्री नहीं हुई तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आने वाली किस्तें रोक दी जाएंगी.
उन्होंने बताया कि अब से किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ फार्मर रजिस्ट्री वाले किसानों को ही मिलेगा. अगले वित्तीय वर्ष से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री, फसल नुकसान का मुआवजा, उर्वरक, बीज, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी आदि सब कुछ इसी रजिस्ट्री के आधार पर होगा. इसलिए किसानों को देर नहीं करनी चाहिए.
उप कृषि निदेशक डॉ. एसके सिंह ने भी इस बात पर जोर दिया कि फार्मर रजिस्ट्री बहुत जरूरी है. इसी के जरिए किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ और अनुदान मिलता रहेगा. उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री न कराने वाले किसान कई फायदों से हाथ धो बैठेंगे. कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी धामिनी एम दास, पुलिस क्षेत्राधिकारी विनायक गोपाल भोसले समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
तुरंत बनवाएं फार्मर रजिस्ट्री
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे तुरंत नजदीकी तहसील या ब्लॉक कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री करवा लें. यह अभियान पूरे जिले में चल रहा है ताकि कोई भी पात्र किसान योजनाओं से वंचित न रहे.
क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये मिलते हैं, जो तीन किस्तों में 2000-2000 रुपये के रूप में सीधे बैंक खाते में आते हैं लेकिन अब फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य हो गई है, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में जहां यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है. कई जिलों में लाखों किसान अभी रजिस्ट्री से बाहर हैं, जिससे उन्हें 22वीं किस्त का इंतजार बेकार हो सकता है. किसानों से अनुरोध है कि वे जल्दी कार्रवाई करें और इस मौके का फायदा उठाएं. सरकार की यह पहल किसानों की मदद के लिए है, लेकिन इसके लिए रजिस्ट्री जरूरी है.