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India Daily

खुशी की रात मातम में छाई, एनिवर्सरी मनाने के लिए मां-बाप कर रहे थे बेटे का इंतजार, रुला देगी कमल की मौत की कहानी

5 फरवरी की देर रात दिल्ली के जनकपुरी इलाके में कमल ध्यानी की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई. कमल के माता-पिता ने दिल्ली स्थित अपने घर में शादी की सालगिरह का केक लेकर बेटे का पूरी रात इंतजार किया. लेकिन इसके बाद उनकी खुशियां मातम में बदल गई.

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Edited By: Antima Pal
खुशी की रात मातम में छाई, एनिवर्सरी मनाने के लिए मां-बाप कर रहे थे बेटे का इंतजार, रुला देगी कमल की मौत की कहानी
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नई दिल्ली: दिल्ली में एक दिल दहला देने वाली घटना ने एक परिवार की खुशी को मातम में बदल दिया. 25 वर्षीय कमल ध्यानी, जो एक कॉल सेंटर में काम करते थे, गुरुवार रात अपने घर लौट रहे थे. उनके माता-पिता अपनी शादी की सालगिरह पर उन्हें घर आते देखकर केक काटने का इंतजार कर रहे थे. लेकिन जो खुशी की रात होनी थी, वह दुख की रात बन गई.

एनिवर्सरी मनाने के लिए मां-बाप कर रहे थे बेटे का इंतजार

कमल ने आधी रात के करीब 12:50 बजे अपने जुड़वां भाई करण को फोन किया. उन्होंने कहा- 'मैं 15 मिनट में घर पहुंच रहा हूं. मां से कहना कि चपाती बना लें.' परिवार खुशी-खुशी इंतजार करने लगा. मेज पर केक रखा था, मोमबत्तियां तैयार थीं, लेकिन कमल कभी नहीं पहुंचे. उनके फोन आने बंद हो गए. परिवार को चिंता हुई. आधे घंटे बाद भी जब वह नहीं आए, तो परिवार रात में ही सड़कों पर निकल पड़ा. वे कमल के ऑफिस गए, आसपास के थानों में दरवाजे खटखटाए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. 

रुला देगी कमल की मौत की कहानी

पूरी रात कमल के परिवार ने कमल का नाम पुकारते हुए सड़कों पर बिताई. पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगाए, लेकिन मदद नहीं मिली. परिवार का दावा है कि उन्होंने छह थानों का दौरा किया, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई. सुबह होते ही पुलिस का फोन आया. कमल का शव मिल चुका था. पुलिस के मुताबिक पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा सीवर पाइपलाइन के लिए खोदा गया करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बिना किसी बैरिकेडिंग या चेतावनी के खुला छोड़ दिया गया था. 

बाइक भी गड्ढे में मिली

कमल अपनी बाइक चला रहे थे और इस खुले गड्ढे में गिर गए. उनकी बाइक भी गड्ढे में मिली. हेलमेट सिर पर था, लेकिन चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. सुबह करीब 8 बजे एक राहगीर ने गड्ढे में शव देखा और सूचना दी. फायर ब्रिगेड ने शव और बाइक को बाहर निकाला. अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिवार का कहना है कि अगर पुलिस ने रात में तुरंत कार्रवाई की होती तो शायद कमल को बचाया जा सकता था.

कमल ने कहा था कि अगले दिन छुट्टी है, इसलिए एनिवर्सरी मनाएंगे. उन्होंने घर के लिए सामान भी लाया था, लेकिन वह कभी नहीं लौटे. इस हादसे के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. पुलिस ने डीजेबी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है. परिवार न्याय की मांग कर रहा है.