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Delhi Pollution: घुटने लगी दिल्ली! 400 के पार पहुंची एयर क्वालिटी, लोगों को सांस लेना हो रहा मुश्किल

Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है. दिवाली के दिन प्रदूषण ने चरम पर पहुंचने के संकेत दे दिए हैं. सोमवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का समग्र एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 333 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है.

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Edited By: Antima Pal
Delhi Pollution: घुटने लगी दिल्ली! 400 के पार पहुंची एयर क्वालिटी, लोगों को सांस लेना हो रहा मुश्किल
Courtesy: social media

Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है. दिवाली के दिन प्रदूषण ने चरम पर पहुंचने के संकेत दे दिए हैं. सोमवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का समग्र एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 333 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है. हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में यह 'गंभीर' स्तर तक पहुंच गया. वर्ल्ड एयर क्वालिटी इंडेक्स प्रोजेक्ट के रीयल-टाइम डेटा के मुताबिक आनंद विहार में AQI 464 था, जो खतरनाक स्तर का संकेत देता है.

रोहिणी और सत्यवती कॉलेज के पास भी यह लगभग 403 और 432 पर था।AQI क्या बताता है? यह हवा की गुणवत्ता मापने का एक पैमाना है. 0-50 तक 'अच्छा', 51-100 'संतोषजनक', 101-200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' श्रेणी में आता है. इससे ऊपर का स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह होता है, खासकर सांस की बीमारियों वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए.

400 के पार पहुंची एयर क्वालिटी

दिल्ली में पीएम2.5 और पीएम10 कणों की मात्रा सीमा से कहीं ज्यादा है, जो फेफड़ों और दिल को नुकसान पहुंचा सकती है. सोमवार को आईटीओ, मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम, बुराड़ी क्रॉसिंग, प्रहलादपुर और आईटीआई शाहदरा जैसे इलाकों में AQI क्रमशः 287, 276, 266, 252 और 247 रहा. ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण पूरे शहर में फैल रहा है.

लोगों को सांस लेना हो रहा मुश्किल

दिवाली से पहले ही यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि पटाखों और ठंडी हवाओं से यह और बिगड़ सकता है. इस बिगड़ती स्थिति पर काबू पाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने रविवार शाम एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का दूसरा चरण लागू कर दिया. CAQM के बयान में कहा गया कि शाम 4 बजे AQI 296 था, जो 7 बजे 302 हो गया. GRAP-2 के तहत कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इनमें मुख्य सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल स्वीपिंग या वैक्यूम क्लीनिंग और पानी छिड़काव शामिल है, खासकर पीक ट्रैफिक घंटों से पहले. धूल को कंट्रोल करने के लिए निर्माण और ध्वंस स्थलों पर सख्त जांच हो रही है.

मास्क पहनें, बाहर कम निकलें

इसके अलावा कचरा जलाने, डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल और भारी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी है. प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि GRAP से तत्काल राहत मिल सकती है, लेकिन लंबे समय के लिए हरित ऊर्जा और पेड़ लगाने जैसे कदम जरूरी हैं. दिल्लीवासी सतर्क रहें. मास्क पहनें, बाहर कम निकलें और घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें. दिवाली की खुशी में पर्यावरण का ध्यान रखें, ताकि आने वाला त्योहार साफ हवा के साथ मनाया जा सके.