देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस की वर्दी में नाचने-गाने की रील बनाने से पुलिस कमिश्नर काफी नाराज हैं. जिसको लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने खाकी वर्दी में सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो बनाने को “वर्दी का दुरुपयोग” करार देते हुए कर्मियों को सख्त चेतावनी जारी की है. उन्होंने पुलिस कर्मियों को अपने “निजी और पेशेवर जीवन” के बीच स्पष्ट अंतर रखने का निर्देश दिया है. यह सख्त आदेश 24 मई को जारी किया गया, जब पुलिस कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर वर्दी में रील्स और वीडियो पोस्ट करने के मामलों में वृद्धि देखी गई.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आयुक्त के आदेश में कहा गया, “ पूर्व में दी गई हिदायतों के बावजूद, कई पुलिस कर्मी वर्दी पहनकर कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रील्स/वीडियो बना रहे हैं और पोस्ट कर रहे हैं.” इन वीडियो में अक्सर पुलिस का प्रतीक चिन्ह, रैंक या खाकी की शक्ति का प्रदर्शन किया जाता है. इस आदेश के साथ उन कर्मियों की सूची भी भेजी गई है, जो ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं. पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों को इस बारे में जागरूक करें. साथ ही आदेश में जिक्र किया गया, “आपके अधीन पुलिस कर्मियों के ये कृत्य स्थायी आदेशों (एसओ) और इस संबंध में जारी निर्देशों का उल्लंघन हैं.
2023 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन
दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने 2023 में पुलिस कर्मियों के लिए सोशल मीडिया दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें “वर्दी की गरिमा बनाए रखने” और रील्स या वीडियो के लिए किसी पुलिस उपकरण या सहायक सामग्री का उपयोग न करने की सलाह दी गई थी. दिशानिर्देशों के अनुसार, कर्मियों को किसी भी लंबित मामले, संदिग्ध या गिरफ्तार व्यक्ति से संबंधित गोपनीय जानकारी को पोस्ट, शेयर या टिप्पणी करने से बचना चाहिए.
नए आदेश में कहा गया, “आपसे अनुरोध है कि आपके नियंत्रण में मौजूद पुलिस कर्मियों को, संलग्न सूची के अनुसार, यह समझाया जाए कि उन्हें अपने निजी और पेशेवर जीवन के बीच अंतर करना होगा. सोशल मीडिया पर वर्दी के दुरुपयोग के ऐसे उदाहरण अस्वीकार्य हैं.” इसके लिए 15 जून तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है.
पुलिस कर्मियों की गतिविधियों पर रहेगी नजर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 100 से ज्यादा कर्मियों की जोन और यूनिट-वार सूची तैयार की गई है, जिन्होंने ऐसी गतिविधियों में भाग लिया. विशेष रूप से, 15 से अधिक अधिकारियों ने कई बार सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन किया है. कई कर्मियों ने अपने सोशल मीडिया खातों पर पुलिस रैंक को उपयोगकर्ता नाम के रूप में और दिल्ली पुलिस का लोगो प्रोफाइल पिक्चर के रूप में इस्तेमाल किया, जिससे निजी और आधिकारिक पहचान के बीच की रेखा धुंधली हो गई. एक वायरल वीडियो में एक कर्मी का पहचान पत्र दिखाया गया, जिसमें पृष्ठभूमि में लोकप्रिय गाना बज रहा था और कैप्शन था, “दिल्ली पुलिस की शक्ति” और “दिल्ली पुलिस बिना टोल के बूथ पार करती है.”
सुधार के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने उठाए ये कदम
नए आदेश के बाद कई कर्मियों ने अपने सोशल मीडिया खातों से ऐसी सामग्री हटा ली है. दिल्ली पुलिस, जिसमें 90,000 से अधिक कर्मी हैं, उन्होंने अपने अधिकारियों को वर्दी में मंचीय या सड़क प्रदर्शन में भाग लेने से मना किया है. सूत्रों ने बताया कि कर्मियों को सिविल सोसाइटी की पहल का समर्थन गैर-प्रतिभागी तरीके से करने को कहा गया है ताकि बल की गरिमा बनी रहे.