नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इस समय गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है. जनवरी के महीने में ऐसा हाल पांच वर्षों बाद देखने को मिला है, जब लगातार तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता ‘सीवियर’ श्रेणी में रही. हालात इतने बिगड़े कि प्रदूषण नियंत्रण आयोग को सख्त GRAP-Stage IV लागू करना पड़ा. इसके बावजूद प्रदूषण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
दिल्ली में शनिवार से सोमवार तक लगातार तीन दिन औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 या उससे ऊपर दर्ज किया गया. सोमवार को शाम 4 बजे औसत AQI 410 रहा, जो रविवार के 440 से थोड़ा कम था. इससे पहले शनिवार को शाम 6 बजे ही AQI 400 पार कर गया था. इससे पहले जनवरी 2021 में 14 से 16 जनवरी के बीच ऐसी स्थिति बनी थी.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP स्टेज-IV लागू किया, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना रहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के 39 में से कम से कम 25 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा ‘सीवियर’ श्रेणी में रही, जो चिंता बढ़ाने वाला संकेत है.
प्रदूषण के लिहाज से पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित रही. वजीरपुर में AQI 473 दर्ज किया गया, जबकि विवेक विहार में 472 तक पहुंच गया. आनंद विहार में स्थिति और भी गंभीर रही, जहां AQI 497 दर्ज हुआ. ये आंकड़े बताते हैं कि राजधानी के कई हिस्सों में सांस लेना भी स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है.
CAQM और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समीक्षा में प्रदूषण नियंत्रण उपायों के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां सामने आई हैं. निर्माण और विध्वंस स्थलों की जांच, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और धूल नियंत्रण जैसे उपायों में 7 प्रतिशत से लेकर लगभग 100 प्रतिशत तक की कमी पाई गई. इसके अलावा प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में भी भारी लापरवाही सामने आई.
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम कुछ राहत दे सकता है. एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार मंगलवार से AQI ‘वेरी पुअर’ स्तर पर आ सकता है. हालांकि पूरे सप्ताह हवा ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ बनी रह सकती है. सोमवार को हल्का कोहरा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई. 23 जनवरी के आसपास बारिश की संभावना है, जिससे प्रदूषकों के बिखरने में मदद मिल सकती है.