नई दिल्ली: आज से तीन दिनों तक दिल्ली और उसके आस-पास के शहरों में कमर्शियल व्हीकल यूनियन ने हड़ताल का ऐलान किया है. यह कदम एनसीआर में कैब, ऑटो-रिक्शा और कई ट्रांसपोर्ट सर्विसेज पर असर डालेगा. बता दें कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ऑल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशंस (UFTA) के बैनर तले 68 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट यूनियनों के इस प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है.
दिल्ली में यूनियन द्वारा किया जा रहा यह चक्का जाम फ्यूल की बढ़ती कीमतों के चलते है. जहां एक तरफ फ्यूल की कीमत बढ़ गई है, वहीं किराया स्टेबल बना हुआ है. इसके अलावा ड्राइवरों के खर्च बढ़ गए हैं, जिससे वो गंभीर आर्थिक संकट में पड़ गए हैं.
बता दें कि फ्यूल का रेट बढ़ना तो एक बड़ी परेशानी है ही, इसके साथ ही गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और परमिट जैसे सालाना खर्चों में भी बढ़ोतरी हो गई है. इससे ड्राइवर काफी परेशान हैं और उनकी कमाई से उनके परिवार का गुजारा भी नहीं हो पा रहा है. हालांकि, यूनियनों ने साफ कर दिया है कि यह विरोध शांतिपूर्ण ढंग से होगा.
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि करीब 4 लाख रजिस्टर्ड टैक्सी मालिक इस हड़ताल का समर्थन करेंगे. जब तक हड़ताल चलेगी, तब तक कोई भी सवारी नहीं लेगा. बता दें कि ड्राइवरों की मुख्य मांगों में टैक्सी किराए में बढ़ोतरी, बढ़े हुए कंजेशन चार्ज (ECC) को वापस लेना और कमर्शियल वाहनों पर लगी पाबंदियों पर फिर से विचार करना शामिल है.
यूनियन का कहना है कि फ्यूल की कीमतों में कुछ वर्षों से काफी तेजी से बदलाव आया है, लेकिन दिल्ली-NCR में टैक्सी किराए में पिछले करीब 15 सालों से कोई बदलाव नहीं हुआ है. साथ ही एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि अगर इस पर कोई फैसला न लिया गया तो आंदोलन तो तेज कर दिया जाएगा.
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