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India Daily

क्या अमेरिका ने अभिजीत दीपके को किया डिपोर्ट? दिल्ली रैली से पहले उठ रहे सवाल, विदेश मंत्रालय का आया जवाब

दिल्ली में होने वाली कॉकरोच जनता पार्टी की रैली से पहले इसके संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. उनके अमेरिका से कथित निर्वासन को लेकर सरकार से सवाल पूछे गए, लेकिन विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया है,

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Edited By: Reepu Kumari
क्या अमेरिका ने अभिजीत दीपके को किया डिपोर्ट? दिल्ली रैली से पहले उठ रहे सवाल, विदेश मंत्रालय का आया जवाब
Courtesy: Twitter (x)

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन से पहले राजनीतिक और सामाजिक माहौल अचानक गर्म हो गया है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के भारत लौटने और उनके अमेरिका से कथित निर्वासन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. इस पूरे मामले ने सरकार से लेकर मीडिया तक ध्यान खींच लिया है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या वाकई कोई अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई हुई है या यह केवल अफवाह है.

विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे पर सीधे सवाल पूछे गए कि क्या अमेरिकी प्रशासन ने भारत को दीपके के वीजा दुरुपयोग या निर्वासन की कोई जानकारी दी है. हालांकि सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसके पास इस तरह की कोई सूचना नहीं है. इसी बीच भारत और अमेरिका के बीच अवैध प्रवासन को लेकर जारी बातचीत ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है.

निर्वासन पर दिया जवाब

शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या अमेरिकी अधिकारियों ने दिपके के निर्वासन या वीजा के दुरुपयोग के बारे में उन्हें सूचित किया था.यह सवाल दिल्ली के जंतर-मंतर (संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास) पर आज होने वाली चीफ जस्टिस ऑफ जस्टिस की बड़ी रैली के लिए दीपके की भारत वापसी को लेकर चल रही अटकलों के बीच आया. 
इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है.

इसी ब्रीफिंग के दौरान, सरकार ने कथित तौर पर कहा कि 2026 में अब तक अमेरिका से 1,076 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया जा चुका है, जबकि पिछले साल यह कुल आंकड़ा 3,567 था.

जायसवाल ने कहा 'दोनों पक्षों के बीच प्रवासन और आवागमन को लेकर चर्चा चल रही है. मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवासन पर नकेल कसना और उसे रोकना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि इससे कानूनी प्रवासन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े'.

गिरफ्तारी का डर

पिछले महीने एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने कहा था कि उन्हें डर है कि अमेरिका से दिल्ली पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा . दिपके ने कहा था, 'मुझे लगता है कि दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही दिल्ली पुलिस का काफिला मुझे तिहाड़ जेल ले जाएगा.' बड़े विरोध प्रदर्शन से एक दिन पहले, मुख्य न्यायिक परिषद के प्रवक्ता आशुतोष रांका और वरुण दास ने एक संदेश जारी कर प्रेम और सद्भाव से भरे शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया. बयान में कहा गया, 'कल हम इस देश की शिक्षा प्रणाली को फिर से स्थापित करेंगे. कल हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारी आवाजों को अब और अनदेखा नहीं किया जा सकता. कल हम अपने लोकतंत्र को पुनः प्राप्त करेंगे और अपने इस खूबसूरत राष्ट्र को पुनः प्राप्त करेंगे.

अभिजीत दिपके कौन हैं?

30 वर्षीय सीजेपी के संस्थापक महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है. हाल ही में उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय से जनसंपर्क में दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना तिलचट्टे और परजीवी से करने पर मचे बवाल के बाद उन्होंने मुख्य न्यायाधीश (CJP) का गठन किया. इस व्यंग्यात्मक संगठन को जल्द ही ऑनलाइन जबरदस्त समर्थन मिला और पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या भाजपा के फॉलोअर्स से भी अधिक हो गई. शुक्रवार को एक पोस्ट में, दिपके ने कहा कि उन्होंने अमेरिका छोड़ दिया है और देश के संविधान में विश्वास व्यक्त किया है.