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17 करोड़ की शराब-मांस पार्टी, होली पर टूटे खर्च के सारे रिकॉर्ड; जानें छत्तीसगढ़ के किस जिले में बना रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में इस बार होली सिर्फ रंगों और मस्ती का त्योहार नहीं रही, बल्कि खर्च के नए रिकॉर्ड भी बने. तीन दिनों में लोगों ने शराब और मांसाहार पर करीब 16 से 17 करोड़ रुपये खर्च कर डाले.

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Kuldeep Sharma

बेमेतरा: जिले में होली का उत्सव इस साल अलग ही रंग में रंगा नजर आया. रंगों के साथ-साथ शराब और स्वादिष्ट भोजन पर लोगों ने जमकर खर्च किया. आबकारी विभाग ने बताया कि त्योहार के दौरान सरकारी ठेकों से कुल 12 करोड़ 12 लाख रुपये की देशी-विदेशी शराब बिकी. स्थानीय बाजारों में मांसाहार की मांग भी इतनी बढ़ी कि अनुमानित 4 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ. कुल मिलाकर तीन दिनों में 17 करोड़ के आसपास का खर्च दर्ज किया गया, जो पिछले सालों से कहीं ज्यादा है. 

शराब की बिक्री ने मचाया तहलका

आबकारी विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2 मार्च को 3 करोड़ 78 लाख रुपये, 3 मार्च को सबसे ज्यादा 5 करोड़ 69 लाख रुपये और 5 मार्च को 2 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक की शराब बिकी. इन तीन दिनों में कुल 12 करोड़ 12 लाख रुपये का कारोबार हुआ. यह आंकड़ा जिले में मदिरा प्रेमियों के जबरदस्त उत्साह को साफ दिखाता है. विभाग के अधिकारी भी इस भारी बिक्री से हैरान हैं और इसे अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड मान रहे हैं.

मांसाहार बाजार में छाई रही धूम

शराब के साथ मांसाहार की मांग भी इस बार चरम पर रही. स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि करीब 4.50 लाख से ज्यादा मुर्गों की बिक्री हुई. बकरे और मछली की भी जबरदस्त डिमांड देखी गई. तीन दिनों में मांसाहार पर 4 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है. विक्रेताओं का कहना है कि इस बार कीमतें थोड़ी कम थीं, लेकिन खरीदारी की मात्रा पिछले साल से काफी ज्यादा रही, जिससे बाजार में रौनक बनी रही. 

त्योहार पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा

होली के इस रिकॉर्ड खर्च ने स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को अच्छा मुनाफा दिया. शराब और मांस की बिक्री से राजस्व में भी इजाफा हुआ. हालांकि कुछ लोग इस भारी खपत पर चिंता जता रहे हैं, लेकिन अधिकांश ने इसे उत्सव का हिस्सा माना. जिले में होली की तैयारियां और मस्ती के साथ यह आर्थिक उछाल चर्चा का विषय बना हुआ है. अगले साल और बड़ा रिकॉर्ड बन सकता है.