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रायपुर: डॉग रेस्क्यू के नाम पर गुंडागर्दी, चार माह की गर्भवती महिला पर हमला कर मोबाइल और कुत्ता छीना

रायपुर के भाठागांव चौक इलाके में डॉग रेस्क्यू संस्था से जुड़े लोगों पर चार माह की गर्भवती महिला से मारपीट, मोबाइल और कुत्ता छीनने तथा धमकी देने का आरोप लगा है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
रायपुर: डॉग रेस्क्यू के नाम पर गुंडागर्दी, चार माह की गर्भवती महिला पर हमला कर मोबाइल और कुत्ता छीना
Courtesy: Grok AI

रायपुर: रायपुर में डॉग रेस्क्यू ऑर्गनाइजेशन की आड़ में गुंडागर्दी का मामला सामने आया है. पुलिस ने किरण घनश्याम आहूजा और अन्य के खिलाफ पुरानी बस्ती थाना इलाके के भाटागांव चौक पर चार महीने की प्रेग्नेंट महिला के साथ मारपीट, उसका मोबाइल फोन और कुत्ता छीनने साथ ही धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज की है.

जानकारी के मुताबिक पीड़िता गुरप्रीत कौर गिल ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई कि किरण घनश्याम आहूजा, जो खुद को डॉग रेस्क्यू ऑर्गनाइजेशन से बताती हैं, वह अपने साथियों के साथ भाटागांव चौक के पास मौके पर पहुंची और बहस के दौरान गर्भवती महिला के साथ बदतमीजी की और मारपीट की.

पीड़िता ने क्या - क्या लगाया आरोप?

पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने उसका मोबाइल फोन और कुत्ता छीन लिया, ऑर्गनाइजेशन का नाम लेकर उसे धमकाया और चला गया. घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस को मामले की सूचना दी.

शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

शिकायत के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की. शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने आरोपी किरण घनश्याम आहूजा और अन्य के खिलाफ कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की.

पहले भी हुई ऐसी घटना?

ग्वालियर जीवाजी यूनिवर्सिटी में पहले भी विवाद हो चुका है. ग्वालियर जीवाजी यूनिवर्सिटी कैंपस में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर लगी रोक से एक नया विवाद खड़ा हो गया है. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल ही में कैंपस में एक साइन बोर्ड लगाकर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक लगाने का नोटिस जारी किया था. 

इसके बाद पूर्व MP और जानवरों के अधिकारों की मुखर समर्थक मेनका गांधी ने इस फैसले पर आपत्ति जताई.

क्या था इसका मकसद?

इसका मकसद स्टूडेंट्स और स्टाफ की सुरक्षा पक्का करना था. करीब 15 दिन पहले यूनिवर्सिटी कैंपस में कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आई थीं. इसके बाद एडमिनिस्ट्रेशन ने सुरक्षा और स्टूडेंट्स की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया. यूनिवर्सिटी अधिकारियों का कहना है कि इस रोक का मकसद किसी जानवर पर सख्ती करना नहीं है, बल्कि स्टूडेंट्स, स्टाफ और कैंपस में आने वाले विजिटर्स की सुरक्षा पक्का करना है.