ड्यूटी कर रहे फॉरेस्ट गार्ड से जबरन करवाया डांस, डंडों-बेल्ट से बुरी तरह पीटा, घिनौनी हरकत का वीडियो खुद किया वायरल
देवनगर नर्सरी में ड्यूटी पर तैनात एक फॉरेस्ट गार्ड के साथ स्थानीय युवकों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उसे सरेआम अपमानित भी किया. पूरी घटना का वीडियो हमलावरों ने खुद मोबाइल पर रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है. यहां देवनगर नर्सरी में ड्यूटी पर तैनात एक फॉरेस्ट गार्ड के साथ स्थानीय युवकों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उसे सरेआम अपमानित भी किया. पूरी घटना का वीडियो हमलावरों ने खुद मोबाइल पर रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में गुस्सा भड़का रहा है.
ड्यूटी पर तैनात गार्ड से जबरदस्ती लगवाए ठुमके
जानकारी के अनुसार घटना 23 फरवरी को हुई. फॉरेस्ट गार्ड अपनी महिला साथी के साथ नर्सरी में मौजूद था। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवक वहां पहुंचे और विवाद शुरू कर दिया. बात बढ़ने पर उन्होंने गार्ड को घेर लिया. वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक मोबाइल पर गाना बजाकर वर्दी पहने गार्ड से ठुमके लगवाने पर जोर दे रहे हैं. गार्ड हाथ जोड़कर मिन्नतें कर रहा है, डर से कांप रहा है, लेकिन युवकों ने उसकी एक नहीं सुनी. जब गार्ड ठीक से नहीं नाचा, तो उन्होंने डंडों और बेल्ट से उसकी जमकर पिटाई की. प्रेमिका को भी कुछ डंडे मारे गए.
पूरी घटना के दौरान युवक हंसते-खेलते वीडियो बनाते रहे और बाद में इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. इस वीडियो के वायरल होने के बाद सूरजपुर पुलिस और वन विभाग में हड़कंप मच गया. लोग इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि ड्यूटी के समय एक सरकारी कर्मचारी के साथ इस तरह की गुंडागर्दी कैसे हो सकती है? यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि एक अधिकारी की गरिमा का अपमान भी है. कई लोग इसे 'मॉब जस्टिस' या स्वयंसेवी न्याय बताकर निंदा कर रहे हैं. हालांकि वन विभाग की ओर से गार्ड के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है.
'कारण बताओ' नोटिस जारी
डीएफओ ने गार्ड को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है. विभाग ने पूछा है कि ड्यूटी के दौरान वह नर्सरी में महिला साथी के साथ क्यों था और घटना की जानकारी ऊपर क्यों नहीं दी? विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा. पुलिस ने भी मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. यह घटना न सिर्फ फॉरेस्ट गार्ड की सुरक्षा पर सवाल उठा रही है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की इज्जत पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है.