छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटों पर चुनावी घमासान शुरू, जानिए किन उम्मीदवारों पर लग रहा दांव
छत्तीसगढ़ में दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है...
छत्तीसगढ़ में दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सत्ताधारी भाजपा ने अपने संभावित उम्मीदवारों का पैनल केंद्र सरकार को भेज दिया है. वहीं कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार चुनने में जुटी है. विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति के कारण एक सीट पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट पर कांटे की टक्कर की उम्मीद है.
नामांकन की प्रक्रिया
नामांकन की प्रक्रिया 5 मार्च से शुरू होगी और 16 मार्च को वोटिंग होगी. इस बीच, BJP के पैनल के लिए कमलचंद्र भंजदेव, लक्ष्मी वर्मा, प्रबल प्रताप सिंह और सौरभ सिंह जैसे नामों की चर्चा है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कोई सरप्राइज एडिशन फाइनल चॉइस हो सकता है. राज्यसभा सीटें अपर हाउस में छत्तीसगढ़ की आवाज को मजबूत करने और नेशनल पॉलिटिक्स में अपना असर बढ़ाने का एक तरीका हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस की दोनों सीटें अब खाली हैं, क्योंकि मौजूदा MP के.टी.एस. तुलसी और फूलो देवी नेताम का टर्म अप्रैल में खत्म हो रहा है.
पार्टी हाईकमान करेगा आखिरी फैसला
यह चुनाव न सिर्फ पार्टी की अंदरूनी ताकत का टेस्ट करेगा बल्कि ट्राइबल रिप्रेजेंटेशन के सेंसिटिव मुद्दे को भी हाईलाइट करेगा. कांग्रेस के अंदर राज्यसभा के लिए ट्राइबल कैंडिडेट की मांग बढ़ रही है, क्योंकि बस्तर की एक जानी-मानी ट्राइबल लीडर फूलो देवी नेताम की जगह कोई दूसरा ट्राइबल कैंडिडेट आ सकता है. BJP के पैनल को लेकर भी अटकलें तेज हैं, क्योंकि पार्टी हाईकमान ही आखिरी फैसला करेगा.
लॉबिंग और दबाव ने कई नेताओं को लामबंद किया
छत्तीसगढ़ में BJP के 54 MLA हैं, जो एक सीट के लिए काफी हैं, लेकिन दूसरी सीट के लिए अलायंस या क्रॉस-वोटिंग की संभावना बनी हुई है. यह मूवमेंट न सिर्फ रायपुर बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि राज्यसभा की मेंबरशिप आने वाले विधानसभा चुनावों और नेशनल लेवल पर छत्तीसगढ़ की इमेज बनाने में अहम भूमिका निभाती है. बढ़ती लॉबिंग और दबाव ने कई नेताओं को लामबंद कर दिया है, और जब तक फाइनल नामों की घोषणा नहीं हो जाती, तब तक सस्पेंस बना रहेगा.
एक चौंकाने वाला नया चेहरा
BJP ने केंद्र सरकार को कमलचंद्र भंजदेव, लक्ष्मी वर्मा, प्रबल प्रताप सिंह और सौरभ सिंह समेत कई नामों का एक पैनल दिल्ली भेजा है. सूत्रों का कहना है कि इनमें से एक या दो नाम फाइनल हो सकते हैं, लेकिन एक चौंकाने वाला नया चेहरा भी शामिल हो सकता है. कांग्रेस पार्टी के अंदर एक आदिवासी चेहरे को राज्यसभा भेजने की जोरदार मांग उठ रही है. फूलो देवी नेताम के रिटायरमेंट के बाद बस्तर इलाके का प्रतिनिधित्व बनाए रखने के लिए जोर दिया जा रहा है.
चुनाव की तारीख और प्रोसेस
नॉमिनेशन 5 मार्च से शुरू होंगे। वोटिंग 16 मार्च को होगी, और उसी शाम नतीजे घोषित किए जाएंगे. नए सदस्य 3 अप्रैल को पदभार संभालेंगे. विधानसभा में 54 MLA होने के कारण, BJP का एक सीट जीतना तय माना जा रहा है. कांग्रेस दूसरी सीट के लिए लड़ रही है. क्रॉस-वोटिंग की अटकलें हैं.
संभावित असर और आगे का रास्ता
इस चुनाव को 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है. राज्यसभा की सदस्यता से पार्टी की राष्ट्रीय छवि भी मजबूत होगी. दोनों पार्टियों में लॉबिंग तेज है. BJP हाईकमान और कांग्रेस हाईकमान उम्मीदवारों को फाइनल करेंगे. यह चुनाव छत्तीसगढ़ की राजनीति को एक नई दिशा दे सकता है.
राज्यसभा चुनाव 2026
भारतीय चुनाव आयोग ने खाली राज्यसभा सीटों को भरने के लिए देश भर के 10 राज्यों में कुल 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है.
- 16 मार्च को वोटिंग
- 26 फरवरी, 2026: नोटिफिकेशन जारी
- 5 मार्च, 2026: नॉमिनेशन की आखिरी तारीख
- 6 मार्च, 2026: नॉमिनेशन पेपर की स्क्रूटनी
- 9 मार्च, 2026: नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख
- 16 मार्च, 2026: सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग
- 16 मार्च, 2026: शाम 5 बजे से वोटों की गिनती
- 20 मार्च, 2026: पूरा चुनाव प्रोसेस पूरा