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सामूहिक विवाह में BPL परिवार की लड़की संग फेरे लेंगे BJP विधायक, बैलगाड़ी से निकलेगी बारात

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा के भाजपा विधायक दीपेश साहू मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह में विवाह करने जा रहे हैं. उनकी सादगी भरी शादी और योजना में भागीदारी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं.

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Edited By: Babli Rautela
सामूहिक विवाह में BPL परिवार की लड़की संग फेरे लेंगे BJP विधायक, बैलगाड़ी से निकलेगी बारात
Courtesy: Social Media

मुंबई: छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज एक अलग तरह की चर्चा देखने को मिल रही है. बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक दीपेश साहू मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में विवाह करने जा रहे हैं. खास बात यह है कि वह किसी होटल या आलीशान आयोजन की बजाय आम लोगों के साथ एक ही मंच पर सात फेरे लेंगे. उनकी होने वाली पत्नी तरुणा साहू एक साधारण परिवार से आती हैं और BPL श्रेणी से जुड़ी हैं. इसी वजह से यह विवाह सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है.

सरकारी शिक्षक से विधायक तक का सफर

दीपेश साहू का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है. उन्होंने करीब एक दशक तक सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में काम किया. बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना और भाजपा के साथ काम किया. संगठन में अलग अलग जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह विधायक चुने गए और आज बेमेतरा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

साधारण परिवार से हैं तरुणा साहू

दीपेश साहू जिनसे विवाह करने जा रहे हैं वह तरुणा साहू हैं. तरुणा मूल रूप से दुर्ग जिले की धमधा तहसील के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने एमए तक की पढ़ाई की है. उनके पिता देवनारायण साहू पेशे से ड्राइवर हैं जबकि माता मालती साहू हाउसवाइफ हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है और वर्तमान में उनका परिवार बेमेतरा में रह रहा है.

सामूहिक विवाह मंच पर होगी शादी

31 मई को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोह में कुल 21 जोड़ों का विवाह संपन्न होगा. इन्हीं जोड़ों के बीच विधायक दीपेश साहू और तरुणा साहू भी विवाह बंधन में बंधेंगे. महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों का पंजीकरण नियमों के अनुसार किया गया है. इस शादी की एक और खास बात यह है कि विधायक की बारात बैलगाड़ी में निकलेगी. आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं को सम्मान देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. यही वजह है कि यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.