menu-icon
India Daily

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का राज? ईरानी संसद में वोटिंग के बाद होगा फाइनल फैसला

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब क्या पूरी तरह से ईरान का राज होगा? इस सवाल का जवाब ईरनी संसद में तय किया जाएगा. ईरान के इस फैसले का असर का पूरी दुनिया पर पड़ने वाला है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का राज? ईरानी संसद में वोटिंग के बाद होगा फाइनल फैसला
Courtesy: X (@cryptogoos)

अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच अब तेहरान एक बड़ा कदम उठाने वाला है, जिसका असर विश्व के तेल कारोबार और समुद्री मार्गों पर पड़ सकता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कानूनी रूप से चलाने के लिए जल्द ही ईरानी संसद में एक बिल पेश किया जाएगा, जिसपर सांसद द्वारा वोट दिया जाएगा. अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो फिर होर्मुज पर ईरान अपना नियंत्रण शुरू कर देगा.

ईरानी संसद के प्रेसीडिंग बोर्ड के सदस्य अलेद्दीन सलिमी ने अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम को दिए इंटरव्यू में बताया कि सांसद इस मुद्दे पर जल्द ही कोई फाइनल फैसला ले सकते हैं. उन्होंने इस पर अपना समर्थन देते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का अधिकार केवल ईरान और ओमान के पास ही होना चाहिए.

क्या है ईरान की तैयारी?

सलिमी ने बताया कि ओमान के साथ इस विषय पर पहले से ही बातचीत की जा रही है. उन्होंने बताया कि शुरुआती बातचीत में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई औपचारिक समझौता संभव है. ईरान ने यह भी दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरानी सशस्त्र बलों का पूर्ण नियंत्रण है.

आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि सभी व्यावसायिक जहाजों और तेल टैंकरों को केवल उन्हीं समुद्री मार्गों का इस्तेमाल करना होगा जो ईरान तय करेगा. इसके अलावा, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. ईरानी सेना ने साफ चेतावनी भी दी है कि यदि कोई सैन्य जहाज इस जलमार्ग के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने या यातायात बाधित करने की कोशिश करता है तो उसका उचित जवाब दिया जाएगा.

क्या है अमेरिका का रुख?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान दोनों का अलग रुख दिख रहा है. अमेरिका के नेतृत्व वाले जॉइंट मेरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर ने अपने हालिया नोटिस में कहा है कि ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी अभी भी लागू है. संगठन की ओर से कहा गया कि सभी जहाजों को चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को रोका जा सकता है या उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र पर अगर ईरान का नियंत्रण बढ़ता है तो दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है.