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India Daily

पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बीच सुरक्षा बलों ने 26 नक्सलियों को किया ढेर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में चल रही है मुठभेड़

Bijapur encounter Naxalite operation: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 26 नक्सली मारे गए हैं.

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Edited By: Anvi Shukla
पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बीच सुरक्षा बलों ने 26 नक्सलियों को किया ढेर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में चल रही है मुठभेड़
Courtesy: social media

Bijapur Encounter Naxalite Operation: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें 26 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. यह मुठभेड़ बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रगुट्टा की पहाड़ियों में हुई. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत चल रही है, जो नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान बताया जा रहा है.

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सोमवार को भी इसी इलाके में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें चार महिला नक्सलियों के शव बरामद हुए थे. इस दौरान सुरक्षा बलों को एक 303 राइफल भी मिली थी. इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार, मुठभेड़ों में कई वरिष्ठ माओवादी कमांडर या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि अब तक नक्सलियों के सैकड़ों ठिकानों और बंकरों को नष्ट कर दिया गया है, साथ ही भारी मात्रा में विस्फोटक, डेटोनेटर, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए गए हैं.

सुरक्षा बलों के जवान भी घायल

आईजी सुंदरराज के मुताबिक, सुरक्षा बलों के STF, DRG और कोबरा यूनिट के कम से कम छह जवान विभिन्न प्रेशर IED ब्लास्ट में घायल हुए हैं, लेकिन सभी की हालत खतरे से बाहर है.

यह अभियान बस्तर क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन माना जा रहा है, जिसमें 24,000 से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. इसमें DRG, बस्तर फाइटर्स, STF, CRPF और उसकी विशेष यूनिट CoBRA की संयुक्त भागीदारी है.

21 अप्रैल से चल रहा है ऑपरेशन संकल्प

यह ऑपरेशन 21 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब सुरक्षा एजेंसियों को तेलंगाना राज्य समिति और माओवादियों की बटालियन नंबर-1 के वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी. कर्रगुट्टा की घने जंगलों वाली पहाड़ियों को माओवादियों की प्रमुख छावनी माना जाता है.