मोतिहारी: 54 दिनों तक चली कठिन साधना और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बाद दुनिया के सबसे बड़े और प्रसिद्ध शिवलिंग को मोतिहारी में बन रहे विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित कर दिया गया.
यह ऐतिहासिक आयोजन शनिवार, 17 जनवरी 2026 को पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ. बनारस और पटना से आए विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच यज्ञ मंडप में पूजा कराई, जिसके बाद शिवलिंग की स्थापना की गई. पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला.
इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन महावीर मंदिर ट्रस्ट, पटना के नेतृत्व में मोतिहारी के कल्याणपुर पंचायत स्थित कैथवलिया गांव में किया गया. इस अवसर के साक्षी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग बने. लाखों श्रद्धालु मौके पर मौजूद रहे, जबकि देश-विदेश में बसे करोड़ों लोगों ने इंटरनेट के माध्यम से इस पूरे धार्मिक आयोजन को लाइव देखा.
बिहार पूर्वी चंपारण कल्याणपुर के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना
सनातन आस्था, भक्ति और गौरव का ऐतिहासिक संगम।
इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुजनों को
हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
महादेव की कृपा से सबके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी… pic.twitter.com/DEacICNVNG— Rajesh Singh (@SinghRajeshbjp) January 17, 2026Also Read
महावीर मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र शायन कुणाल व उनकी पत्नी और सांसद शांभवी चौधरी ने यजमान की भूमिका निभाई और भगवान शिव का विधिपूर्वक आवाहन किया. बनारस, अयोध्या और हरिद्वार से आए आचार्यों ने सभी धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई. अयोध्या से आए 21 बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया, जिससे पूरा वातावरण मंत्रोच्चार और भक्ति से गूंज उठा.
यज्ञ मंडप में पूजा पूरी होने के बाद शिवलिंग की आरती की गई. इसके बाद दो बड़ी क्रेनों की सहायता से करीब 30 मिनट में शिवलिंग को उठाकर उसके निर्धारित चबूतरे पर स्थापित किया गया. इस दौरान वैदिक मंत्रों और ऋचाओं की गूंज से पूरा जानकीनगर क्षेत्र भक्तिमय हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया और चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी भी ली.
शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए भारी संख्या में शिव भक्त पहुंचे. कड़ाके की ठंड और कच्चे रास्तों की परेशानी के बावजूद आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु कैथवलिया पहुंचे. 8 जनवरी को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शिवलिंग के पहुंचते ही इलाके में मेले जैसा माहौल बना हुआ है, जो अब भी जारी है. आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है.
यह विशाल शिवलिंग करीब 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है, जिसे ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है. इसका निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुआ था. 96 पहियों वाले विशेष ट्रक से इसे 21 नवंबर को वहां से रवाना किया गया था. पूरे रास्ते श्रद्धा और भक्ति के साथ शिवलिंग की पूजा-अर्चना की जाती रही. यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक माना जा रहा है.