बिहारः बिहार में हिजाब विवाद से चर्चा में आई डॉ. नुसरत परवीन के मामले में नीतीश सरकार ने नया आदेश जारी किया है. इस मामले में बिहार के सीएम नीतीश का 15 दिसम्बर को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
वीडियो में वितरण समारोह चल रहा था. उसमें सीएम नीतीश डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब खींचते हुई दिखे. इसको नीतीश के पूराने साथी राजद ने ही वायरल कर दिया. इसके बाद पूरे देशभर में उनकी जमकर आलोचना की गई. इसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर आयुष चिकित्सकों के लिए योगदान करने की तारीख बढ़ा दी गई.
इसी बीच नीतीश सरकार ने डॉक्टर नुसरत को नौकरी ज्वाइन करने का एक और मौका दिया है. बता दें कि पहले ज्वाइनिंग के लिए 20 दिसम्बर की तारीख तय थी. बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने ज्वाइन नहीं किया. उसके बाद 31 दिसम्बर तक तारीख बढ़ा दी गई. अब सात जनवरी तक डेट बढ़ा दिया गया है. वहीं 31 दिसम्बर को लास्ट डेट तक नुसरत ने योगदान नहीं दिया था. अब सात जनवरी तक आयुष डॉक्टर नौकरी ले सकते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक जिन आयुष चिकित्सकों की बहाली की गई उनमें करीब 12 प्रतिशत डॉक्टरों ने योगदान नहीं किया है. इनमें डॉ. नुसरत भी शामिल हैं. इन्हें फिर से मौका दिया गया है. इंतजार किया जा रहा था कि नुसरत नौकरी पर आ जाएंगी. पर ना वह खुद पहुंची और ना ही उनके परिजनों से कोई जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी.
दरअसल, डॉ नुसरत की नौकरी स्वास्थ्य विभाग से ज्यादा सियासी मामला बन गया है. पॉलिटिकल वार, प्रतिवार के बीच नुसरत और उसका पूरा परिवार खामोश है. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी उन्हें नौकरी कर लेने की सलाह दी है. उधर झारखंड में हेल्थ मिनिस्टर डॉ इरफान अंसारी ने उन्हें तीन लाख मासिक तनख्वार पर नौकरी पेशकश कर दी. बाद में सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी ने इस पर अलग राय जाहिर कर दिया. कश्मीर में पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की बहू बिल्किस सीएम नीतीश कुमार पर केस दर्ज कराने थाने पहुंच गईं.