बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने पूरे राजनीतिक माहौल को झकझोर दिया है, जहां एनडीए भारी बढ़त के साथ सत्ता की ओर बढ़ता दिख रहा है. इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अन्य विपक्षी नेताओं से अलग रुख अपनाते हुए हार का ठीकरा SIR प्रक्रिया पर नहीं फोड़ा.
उन्होंने माना कि अगर रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो महागठबंधन को गहराई से अपनी रणनीति, संदेश और संगठनात्मक कमियों की समीक्षा करनी होगी.
शशि थरूर ने साफ कहा कि रुझानों में एनडीए की बढ़त 'स्पष्ट और भारी' है. उन्होंने इसे निराशाजनक जरूर बताया, लेकिन दोषारोपण की बजाय गंभीर आत्ममंथन की बात कही. थरूर ने कहा कि सिर्फ बैठकर सोचने नहीं, बल्कि यह समझने की जरूरत है कि रणनीति, संदेश या संगठनात्मक स्तर पर कहां चूक हुई. उन्होंने यह भी कही कि वे चुनाव अभियान में शामिल नहीं थे, इसलिए प्रत्यक्ष अनुभव साझा नहीं कर सकते.
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: On #BiharElections, Congress MP Shashi Tharoor says, "... it's very clear that the lead is overwhelmingly with the NDA. It's obviously seriously disappointing, and if that turns out to be the final result, then I think there will have to be… pic.twitter.com/10rnFhMEs1
— ANI (@ANI) November 14, 2025
दोपहर 2:50 बजे तक रुझानों में एनडीए 200 से अधिक सीटों पर आगे था. भाजपा 92 सीटों और जदयू 82 सीटों पर मजबूती दिखा रही थी. यह बढ़त साफ इशारा कर रही थी कि बिहार की जनता ने इस चुनाव में एकतरफा फैसला किया है. इन आंकड़ों ने विपक्षी दलों के बीच आत्मनिरीक्षण की जरूरत को और मजबूती से उभारा, जिसे थरूर खुलकर स्वीकारते नजर आए.
अखिलेश यादव ने सर को लेकर बिजेपी को घेरा
इसके उलट, अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए SIR को “चुनावी साजिश” करार दिया. उन्होंने दावा किया कि बिहार में इस्तेमाल हुआ “गेम” अब किसी अन्य राज्य- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश में सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने ‘PPTV’ यानी ‘PDA प्रहरी’ की तैनाती का जिक्र कर भाजपा की नीयत पर सवाल उठाए और इसे धोखे की राजनीति बताया.
थरूर का बयान आधिकारिक परिणामों की घोषणा से पहले आया, जब मतगणना दो चरणों में डाले गए वोटों पर चल रही थी. चुनावी समीकरणों के बदलते संकेतों के बीच विपक्ष की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं- कहीं आत्ममंथन का स्वर तो कहीं चुनाव प्रक्रिया को लेकर असंतोष लेकिन ट्रेंड्स ने यह साफ कर दिया कि मुकाबला एकतरफा होता जा रहा है.
थरूर का संदेश महागठबंधन के लिए एक दिशा की तरह देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को समझना होगा कि आखिर किन मोर्चों पर चूक हुई. वोट संदेश की कमियां हों, संगठनात्मक ढीलापन या रणनीतिक गलती, थरूर के मुताबिक इन सबकी रिपोर्ट कार्ड जैसी गहन समीक्षा जरूरी है.