पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. राष्ट्रीय जनता दल के संरक्षक लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव को केंद्र सरकार ने Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है.
सुरक्षा उन्नयन के तुरंत बाद पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेज प्रताप ने गंभीर चेतावनी जारी की. उन्होंने कहा, "मेरी जान को गंभीर खतरा है. कई तत्व सक्रिय हैं, जो मुझे निशाना बनाने की फिराक में हैं. मेरी हत्या की साजिशें रची जा रही हैं, और इसके पीछे ढेर सारे लोग हैं. "
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगें अब सुनी गई हैं, जिसके कारण यह सुरक्षा व्यवस्था लागू हुई है. जून माह में उन्होंने पहली बार अपनी सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई थी, जब उन्होंने कहा था कि 'मेरी निजी जिंदगी को तबाह करने वाले चार-पांच लोग तैनात हैं.' हाल ही में मोकामा में एक हत्या की घटना ने उनकी चिंताओं को और बल दिया, जिसके बाद उन्होंने बिहार की बढ़ती अपराध दर पर सवाल उठाए.
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, अब तेज प्रताप यादव की सुरक्षा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के हवाले कर दी गई है. Y+ श्रेणी के तहत कुल 11 सशस्त्र कमांडो उनकी रक्षा करेंगे. इनमें से पांच जवान उनके आवास और आसपास के इलाकों में स्थायी रूप से तैनात रहेंगे, जबकि शेष छह तीनों शिफ्टों में व्यक्तिगत कवर प्रदान करेंगे. यह व्यवस्था वीआईपी प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल के अंतर्गत दी गई है, जो उच्च जोखिम वाले नेताओं के लिए आरक्षित है. बिहार में चुनावी हिंसा की आशंका को देखते हुए यह कदम समयबद्ध माना जा रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सुरक्षा तेज प्रताप के हाल के राजनीतिक मोड़ से जुड़ी हो सकती है. आरजेडी से निष्कासित होने के बाद उन्होंने जनशक्ति जनता दल का बागडोर संभाला है और महुआ विधानसभा सीट से उम्मीदवारी की घोषणा की है. इसके अलावा, भाजपा सांसद रवि किशन के साथ उनकी नजदीकी तस्वीरें वायरल हुईं, जहां उन्होंने कहा था, जो रोजगार देगा मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा. "