पटना: राष्ट्रीय जनता दल ने पार्टी संगठन में बडा बदलाव करते हुए तेजस्वी यादव को नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. यह घोषणा पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र में की. इस मौके पर लालू यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
लालू प्रसाद यादव ने अपने पुत्र तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र सौंपकर जिम्मेदारी सौंपी. पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसे नए युग की शुरुआत बताया है. आरजेडी का मानना है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी को नई ऊर्जा और युवा चेहरा मिलेगा. तेजस्वी यादव लंबे समय से पार्टी के वास्तविक नेता के रूप में देखे जाते रहे हैं.
एक नए युग का शुभारंभ!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) January 25, 2026
श्री @yadavtejashwi जी बनाए गए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष! @yadavtejashwi pic.twitter.com/BLFvzXJsJh
हालांकि उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं. पिछले वर्ष तेज प्रताप यादव को पार्टी से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद तेजस्वी यादव पर परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी आ गई है. तेजस्वी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब यादव परिवार के भीतर मतभेद सामने आए थे.
उनकी बहन रोहिणी आचार्य के बयान ने पारिवारिक विवाद को सार्वजनिक कर दिया था. तेजस्वी की नियुक्ति की खबर के तुरंत बाद रोहिणी आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे राजकुमार के राज्याभिषेक की संज्ञा देते हुए कटाक्ष किया. रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी को कठपुतली कहकर संबोधित किया.
तेजस्वी यादव का राजनीतिक सफर भी चर्चा में रहा है. राजनीति में आने से पहले वे क्रिकेट से जुड़े रहे हैं. तेजस्वी यादव आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेल चुके हैं. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने आरजेडी का नेतृत्व किया. उनके नेतृत्व में आरजेडी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.
इसके बाद कुछ समय तक पार्टी ने नीतीश कुमार के साथ सरकार में भागीदारी की. हालिया चुनावों में हालांकि आरजेडी को झटका लगा. तेजस्वी यादव के आक्रामक प्रचार के बावजूद पार्टी तीसरे स्थान पर रही. भाजपा और जदयू ने उस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया.