पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का नया साल सख्त संदेश के साथ शुरू हुआ है. नवादा जिले के अकबरपुर थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार पटेल को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. आरोपी दारोगा पर एक आपराधिक मामले में अभियुक्तों की गिरफ्तारी रोकने और केस डायरी में मदद के बदले घूस मांगने का गंभीर आरोप है. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है.
इस पूरे मामले की शुरुआत नवादा जिले के रहने वाले विकास कुमार की शिकायत से हुई. विकास कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को बताया कि अकबरपुर थाना कांड संख्या 484.25 में उनके बहनोई और भगना का नाम दर्ज है. आरोप है कि दारोगा प्रमोद कुमार पटेल ने दोनों को गिरफ्तार नहीं करने और केस डायरी में राहत देने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लिया.
शिकायत के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुप्त तरीके से सत्यापन कराया. जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि दारोगा द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी. सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी गई. इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया गया. ब्यूरो ने पूरी योजना सावधानी से तैयार की ताकि आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा जा सके.
आरोप की पुष्टि के बाद पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम बनाई गई. शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को परिवादी को तय रकम के साथ अकबरपुर थाना बुलाया गया. जैसे ही दारोगा ने थाना गेट पर 25 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया. तलाशी के दौरान पूरी रिश्वत राशि दारोगा के पास से बरामद कर ली गई.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि वर्ष 2026 में यह ट्रैप के जरिए की गई पहली गिरफ्तारी है. वहीं भ्रष्टाचार के मामलों में यह दूसरी प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोपी दारोगा को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है. जल्द ही उसे पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा. इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है.
इस घटना के बाद आम लोगों ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई की खुलकर सराहना की है. लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से पुलिस व्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा. बताया जा रहा है कि प्रमोद कुमार पटेल पिछले छह महीनों से अकबरपुर थाना में पदस्थापित थे. निगरानी ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और किसी को बख्शा नहीं जाएगा.